इलाज कराने से पहले हो जाएं सावधान, रामनगर में बिना मानक चल रहे 3 निजी क्लिनिकों पर लगा ताला

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छापामारी में शामिल मजिस्ट्रेट समेत अन्य

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रामनगर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने औचक छापेमारी कर 3 अवैध निजी क्लिनिकों को सील कर दिया है. नियमों की घोर अनदेखी और वैध कागजातों के अभाव में इन पर कार्रवाई की गई. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसे अवैध संचालकों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

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Ramnagar Illegal Clinics Sealed: रामनगर प्रखंड अंतर्गत रैली बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के आसपास कुकुरमुत्ते की तरह फैले अवैध क्लिनिकों, निजी नर्सिंग होम, अस्पतालों और अनधिकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कस दिया है. बुधवार को स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने इन अवैध चिकित्सा प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की. जांच दल के पहुंचते ही अवैध संचालकों और बिचौलियों में हड़कंप मच गया. टीम ने विभिन्न केंद्रों पर पहुंचकर संचालकों से आवश्यक रजिस्ट्रेशन, डिग्री, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र और क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत जरूरी वैध कागजातों की गहन पड़ताल की.

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निदान हेल्थ केयर सहित तीन निजी क्लिनिक तत्काल प्रभाव से सील

सघन जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में नियमों की घोर अनदेखी और वैध दस्तावेजों का पूरी तरह अभाव पाया गया. मानकों पर खरा न उतरने और बिना किसी वैध अनुमति के चलाए जा रहे तीन प्रमुख चिकित्सा संस्थानों को प्रशासनिक टीम ने तत्काल प्रभाव से सील कर दिया. सील किए गए संस्थानों में 'निदान हेल्थ केयर' शामिल है, जहां डॉ. एलबी सिंह एवं डॉ. गुड्डू कुमार के नाम से क्लिनिक का संचालन किया जा रहा था. इसके अलावा डॉ. अफरोज आलम क्लिनिक तथा डॉ. आरके गुप्ता क्लिनिक के कागजात व व्यवस्था भी अवैध पाई गई, जिसके बाद इन दोनों केंद्रों के मुख्य द्वारों को भी अधिकारियों ने सील कर दिया.

बीडीओ और पीएचसी प्रभारी के नेतृत्व में हुई संयुक्त कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई मजिस्ट्रेट सह प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अजीत कुमार की सीधी देखरेख में संपन्न कराई गई. इस विशेष अभियान के दौरान पीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुमार, स्वास्थ्य कर्मी उपेंद्र यादव समेत अन्य पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिस पदाधिकारी और भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल के जवान तैनात रहे. टीम ने एक-एक कमरे की तलाशी ली और वहां मौजूद दवाओं व उपकरणों की भी प्रारंभिक जांच की.

अवैध संचालकों में मची अफरा-तफरी, कई शटर गिराकर भागे

प्रशासनिक अमले की भारी मौजूदगी और एक के बाद एक सीलिंग की कार्रवाई को देखकर रैली बाजार और पीएचसी के आसपास स्थित अन्य निजी क्लिनिक, पैथोलॉजी लैब और दवा दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कार्रवाई की भनक लगते ही कई झोलाछाप और अवैध रूप से सेंटर चलाने वाले संचालक आनन-फानन में शटर गिराकर मौके से फरार हो गए.

आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान: प्रशासन की दो टूक

प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि आम जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अवैध चिकित्सा संचालक को बख्शा नहीं जाएगा. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना वैध सरकारी निबंधन, मानक चिकित्सा उपकरणों और प्रशिक्षित डॉक्टरों के संचालित हो रहे सभी चिकित्सा प्रतिष्ठानों के विरुद्ध जांच का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सीधे एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


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