नवलपुर में बाढ़ के बाद बढ़ा बीमारी का खतरा, मेडिकल टीम ने घर-घर जाकर की स्वास्थ्य जांच और बांटी दवाएं

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ग्रामीणों की जांच करते चिकित्सक व मौजूद मेडिकल टीम

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बाढ़ का पानी उतरने के बाद नवलपुर गांव में बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर ग्रामीणों की जांच की और उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं. इस पहल से ग्रामीणों को काफी राहत मिली है.

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West Champaran News: नवलपुर. ग्राम पंचायत राज चौमुखा में बाढ़ का पानी उतरने के बाद बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम गुरुवार को गांव पहुंची. टीम ने घर-घर जाकर ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की और जरूरतमंदों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध करायीं.

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बाढ़ के बाद घर-घर पहुंची मेडिकल टीम

बाढ़ का पानी उतरने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल टीम को चौमुखा भेजा. टीम ने अलग-अलग घरों में जाकर लोगों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली.

जिन ग्रामीणों को उपचार या दवा की जरूरत थी, उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध करायी गयीं. स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों से अपनी समस्या खुलकर बताने की भी अपील की.

दूषित पानी और गंदगी से बीमारियों का खतरा

मेडिकल टीम ने ग्रामीणों को बताया कि बाढ़ के बाद दूषित पानी और आसपास जमा गंदगी के कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में साफ-सफाई और स्वच्छ पानी के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

ग्रामीणों को बाढ़ के बाद जमा पानी से दूर रहने और अस्वच्छ जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी गयी.

स्वच्छ पानी पीने और साफ-सफाई की दी सलाह

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों से अपने घर और आसपास के इलाके में साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की. लोगों को स्वच्छ पानी पीने और भोजन तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं को साफ रखने की सलाह दी गयी.

टीम ने कहा कि किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या महसूस होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करें और समय पर स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें.

स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत CHC से संपर्क

ग्रामीणों को सलाह दी गयी कि बुखार, कमजोरी, संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र योगापट्टी से संपर्क करें.

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेने की बात कही.

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की पहल को सराहा

बाढ़ प्रभावित गांव में मेडिकल टीम के पहुंचने और घर-घर स्वास्थ्य जांच किये जाने की ग्रामीणों ने सराहना की. लोगों ने कहा कि बाढ़ के बाद इस तरह की जांच से समय रहते स्वास्थ्य समस्याओं का पता लगाने में मदद मिलती है.

ग्रामीणों ने क्षेत्र में नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने की मांग भी की, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को स्थानीय स्तर पर उपचार और दवाएं मिलती रहें.

जरूरत पड़ी तो आगे भी लगेगा मेडिकल कैंप

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अब्दुल गनी ने बताया कि जरूरत पड़ने पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आगे भी मेडिकल कैंप लगाया जाएगा.

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम स्थिति पर नजर रख रही है और आवश्यकता के अनुसार ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायी जाएंगी.

टीम में ये स्वास्थ्यकर्मी रहे शामिल

स्वास्थ्य जांच अभियान में डॉ. संजय कुमार, फार्मासिस्ट राकेश कुमार और एएनएम मीनाक्षी कुमारी शामिल थीं. टीम ने ग्रामीणों की जांच करने के साथ उन्हें बाढ़ के बाद स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में जानकारी दी.

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