चंपारण के इस अमर क्रांतिकारी की कहानी अब बड़े पर्दे पर, नौतन से वाल्मीकिनगर तक लगेगा फिल्मी सेट
बैकुंठ शुक्ल पर आधारित नाटक का मंचन करते स्थानीय कलाकार(फाइल फोटो)
चंपारण के अमर क्रांतिकारी बैकुंठ शुक्ल के जीवन और संघर्ष पर आधारित हिंदी फीचर फिल्म 'अमर शहीद बैकुंठ शुक्ला' का निर्माण होगा. पश्चिम चंपारण और मुजफ्फरपुर में होगी शूटिंग.
Bettiah News: बेतिया. चंपारण की धरती के अमर क्रांतिकारी बैकुंठ शुक्ल की शौर्यगाथा अब बड़े पर्दे पर नजर आयेगी. बिहार राज्य फिल्म विकास निगम ने श्रीमान मिश्र फिल्म प्रोडक्शन की हिंदी फीचर फिल्म "अमर शहीद बैकुंठ शुक्ला" के निर्माण को मंजूरी दी है. फिल्म की शूटिंग पश्चिम चंपारण और मुजफ्फरपुर में की जाएगी.
पश्चिम चंपारण में फिल्म की शूटिंग लॉ कॉलेज, नौतन, सिरिसिया और वाल्मीकिनगर के आउटडोर लोकेशन पर प्रस्तावित है. शूटिंग 18 नवंबर से 30 दिसंबर तक चलने की योजना है. फिल्म में बैकुंठ शुक्ल के क्रांतिकारी जीवन और अंग्रेजी शासन के खिलाफ उनके संघर्ष को प्रमुखता से दिखाया जाएगा.
बैकुंठ शुक्ल की शौर्यगाथा अब बड़े पर्दे पर
फिल्म में बैकुंठ शुक्ल के जीवन और उनके क्रांतिकारी संघर्ष को कहानी का केंद्र बनाया गया है. चंपारण की धरती से निकलकर अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष करने वाले बैकुंठ शुक्ल की भूमिका और उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को फिल्म के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी है.
फिल्म के निर्माण की प्रक्रिया पिछले दो वर्षों से चल रही है. अब पश्चिम चंपारण में आउटडोर शूटिंग की तैयारी की जा रही है.
नौतन से वाल्मीकिनगर तक होगी शूटिंग
पश्चिम चंपारण के अलग-अलग इलाकों को फिल्म की शूटिंग के लिए चुना गया है. लॉ कॉलेज, नौतन, सिरिसिया और वाल्मीकिनगर में आउटडोर शूटिंग प्रस्तावित है.
इसके अलावा मुजफ्फरपुर में भी फिल्म की शूटिंग होगी. स्थानीय लोकेशन के जरिए उस दौर के घटनाक्रम और बैकुंठ शुक्ल के जीवन से जुड़े प्रसंगों को पर्दे पर जीवंत करने का प्रयास किया जाएगा.
फणीन्द्रनाथ घोष की हत्या के बाद गिरफ्तार हुए थे
फिल्म की कहानी के अनुसार बैकुंठ शुक्ल ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के खिलाफ सरकारी गवाह बने फणीन्द्रनाथ घोष की हत्या की थी.
बताया गया है कि 9 नवंबर 1932 को बेतिया के मीना बाजार में हुई इस घटना के बाद बैकुंठ शुक्ल को गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद उन्हें जेल में रखा गया और 14 मई 1934 को गया सेंट्रल जेल में फांसी दी गयी.
उस समय बैकुंठ शुक्ल की उम्र महज 27 वर्ष थी. फिल्म में उनके जीवन के इसी संघर्ष और शहादत को प्रमुखता से दिखाने की तैयारी है.
14 मई 2027 को रिलीज की तैयारी
फिल्म के निर्माता-निर्देशक श्रीमान मिश्रा ने बताया कि फिल्म का निर्माण पिछले दो वर्षों से चल रहा है. अब फिल्म को बैकुंठ शुक्ल के शहादत दिवस 14 मई 2027 के अवसर पर सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना है.
फिल्म में बिहार के कलाकारों को भी अभिनय का मौका दिया जा रहा है. इससे स्थानीय कलाकारों को बड़े पर्दे पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलने की उम्मीद है.
गीत-संगीत से लेकर कलाकारों तक खास तैयारी
फिल्म के गीत-संगीत की जिम्मेदारी शिशिर पांडेय की है. वहीं गायक सुखविंदर सिंह और कल्पना पटवारी भी फिल्म से जुड़े हैं.
निर्माण टीम फिल्म को ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्थानीय परिवेश के अनुरूप तैयार करने में जुटी है. पश्चिम चंपारण में प्रस्तावित शूटिंग के दौरान स्थानीय लोकेशन फिल्म की कहानी को वास्तविक रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए