सिकरहना नदी को बचाने की पहल, चनपटिया में बनेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, रोज 40 लाख लीटर पानी होगा साफ

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नगर पंचायत कार्यालय

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चनपटिया में सिकरहना नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनेगा. यह रोज 40 लाख लीटर गंदे पानी को साफ करेगा, जिससे नदी और शहर दोनों को फायदा होगा.

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West Champaran News: चनपटिया. शहर के किनारे से गुजरने वाली सिकरहना नदी को शौचालय और नालियों के गंदे पानी से प्रदूषित होने से बचाने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाने की तैयारी शुरू हो गयी है. एसटीपी निर्माण से पहले सर्वे करने के लिए मंगलवार को पटना से दो सदस्यीय टीम चनपटिया पहुंची.

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टीम ने नगर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में जाकर जनसंख्या, डिस्चार्ज वाटर और नालियों से पानी के बहाव की स्थिति का जायजा लिया. सर्वे पूरा होने के बाद डीपीआर तैयार किया जाएगा और इसके बाद निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी.

Chanpatia News: वार्ड दो में STP के लिए स्थल चिह्नित

नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी हेमंत कुमार ने बताया कि वार्ड संख्या दो स्थित मेला ग्राउंड के समीप एसटीपी निर्माण के लिए स्थल चिह्नित किया गया है.

STP निर्माण से पहले आवश्यक तकनीकी जानकारी जुटाने के लिए रोडीक कंसलटेंट लिमिटेड कंपनी की ओर से सर्वे कराया जा रहा है. टीम ने विभिन्न वार्डों में जाकर नालियों से निकलने वाले पानी और उसके बहाव की स्थिति का जायजा लिया.

रोज 40 लाख लीटर गंदे पानी का होगा ट्रीटमेंट

प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता करीब चार एमएलडी यानी 40 लाख लीटर प्रतिदिन होगी.

इस प्लांट में घरों और शौचालयों से नालियों के रास्ते निकलने वाले गंदे पानी का ट्रीटमेंट किया जाएगा. उपचारित पानी को इसके बाद नदी में छोड़े जाने की योजना है.

इससे नालियों का गंदा पानी सीधे सिकरहना नदी में जाने से रोका जा सकेगा और नदी को प्रदूषण से बचाने में मदद मिलेगी.

जलजमाव की समस्या से भी राहत की उम्मीद

STP निर्माण से शहर में जलजमाव की समस्या को भी कम करने की उम्मीद जतायी जा रही है. नालियों से निकलने वाले पानी के व्यवस्थित ट्रीटमेंट और निकासी की व्यवस्था होने से शहर के जल निकासी तंत्र को भी लाभ मिल सकता है.

सर्वे के दौरान टीम ने जनसंख्या और डिस्चार्ज वाटर से जुड़े आंकड़े जुटाये, ताकि प्रस्तावित प्लांट की क्षमता और संरचना को स्थानीय जरूरत के अनुरूप तय किया जा सके.

सर्वे के बाद तैयार होगा DPR

नगर पंचायत के अनुसार सर्वे का काम पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार की जाएगी. डीपीआर के आधार पर एसटीपी निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

इसके बाद निर्माण के लिए टेंडर निकाला जाएगा. परियोजना के धरातल पर आने के बाद घरों और शौचालयों से निकलने वाले गंदे पानी के उपचार की व्यवस्था विकसित होने की उम्मीद है.

शहरवासियों के लिए बड़ी योजना: मुख्य पार्षद

मुख्य पार्षद रजनी देवी ने STP परियोजना को शहरवासियों के लिए बड़ी और लाभकारी योजना बताया. उन्होंने कहा कि इससे सिकरहना नदी को प्रदूषण से बचाने के साथ शहर की जल निकासी व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.

फिलहाल पटना से पहुंची टीम ने स्थल और नालियों से संबंधित जरूरी जानकारी जुटाने का काम शुरू कर दिया है. सर्वे के बाद डीपीआर और टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.


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