रिकॉर्ड में हेरफेर कर हड़पी जा रही थी बेतिया राज की जमीन, डीएम तरनजोत सिंह ने बनाई 3 सदस्यीय जांच टीम

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डीएम तरनजोत सिंह की तस्बीर

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बेतिया राज की बेशकीमती जमीन पर भू-माफिया और भ्रष्ट कर्मियों की कुदृष्टि बनी हुई है. छह एकड़ जमीन के सरकारी अभिलेखों में हेरफेर कर किसी रैयत के नाम जमाबंदी कायम करने का मामला सामने आया है. जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने तत्काल प्रभाव से तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच टीम का गठन किया है.

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Bettiah Raj Land: ऐतिहासिक बेतिया राज की अरबों की परिसंपत्तियों और जमीन पर भू-माफिया व भ्रष्ट कर्मियों की नजरें लगातार गड़ी हुई हैं. ताजा मामले में बेतिया अंचल अंतर्गत बेतिया राज की करीब छह एकड़ जमीन के सरकारी अभिलेखों में कथित रूप से हेरफेर कर परिमार्जन के जरिए किसी रैयत के नाम जमाबंदी कायम किए जाने की बात सामने आई है. मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने तत्काल प्रभाव से अपर समाहर्ता (एडीएम) के नेतृत्व में एक तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच टीम का गठन कर दिया है. डीएम ने जांच टीम को पूरे मामले की तहकीकात कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया है.

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परिमार्जन और कागजातों के खेल की होगी सघन जांच

जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता सूचना मिली थी कि बेतिया अंचल कार्यालय में राजस्व अभिलेखों में मनमाना फेरबदल कर बेतिया राज की बेशकीमती जमीन का परिमार्जन कराया गया और उसके बाद नियमों को ताक पर रखकर किसी रैयत के नाम नई जमाबंदी कायम कर दी गई. गठित जांच टीम यह पड़ताल करेगी कि जमाबंदी कायम करने का विधिक आधार क्या था, मूल राजस्व अभिलेखों की वास्तविक स्थिति क्या है, किस साक्ष्य व दस्तावेज के आधार पर यह प्रविष्टि की गई तथा इस पूरी हेराफेरी में किन-किन राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता रही है.

पुरानी जमाबंदियों का भी खुलेगा कच्चा चिट्ठा, दर्ज होगी एफआईआर

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल इसी मामले तक जांच सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विगत वर्षों के दौरान बेतिया राज की भूमि के कथित रैयतीकरण के बाद कायम की गई अन्य तमाम पुरानी जमाबंदियों की भी अलग से विस्तृत जांच कराई जाएगी. जांच दल यह देखेगा कि पूर्व में रैयतीकरण किस सक्षम प्राधिकार के आदेश और किस कानूनी प्रक्रिया के तहत हुआ था तथा उसके आधार पर जमाबंदी कैसे सृजित की गई. डीएम ने सख्त चेतावनी दी है कि जांच में थोड़ी भी अनियमितता या किसी अधिकारी-कर्मचारी की मिलीभगत प्रमाणित हुई, तो उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ सीधे प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई जाएगी.

बैरिया बंदोबस्ती मामले की भी चल रही समानांतर जांच

जिलाधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि जिले के बैरिया अंचल में भी बंदोबस्ती जमीन से संबंधित सरकारी अभिलेखों व कागजातों के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला प्रकाश में आया है, जिसकी जांच पहले से ही प्रशासनिक स्तर पर कराई जा रही है. प्रशासन की इस सख्त व त्वरित कार्रवाई से अंचल कार्यालयों में फर्जी तरीके से जमाबंदी कायम करने वाले बिचौलियों और भ्रष्ट कर्मियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है.

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