बेगूसराय: गंगा ग्लोबल में शोक सभा: ब्रजेश कुमार फाउंडेशन के प्रथम अध्यक्ष डॉ. मंगलदेव पांडेय को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

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 श्रद्धांजलि देते विधान पार्षद व शिक्षक कर्मी   | Prabhat Khabar Network

श्रद्धांजलि देते विधान पार्षद व शिक्षक कर्मी   | Prabhat Khabar Network

गंगा ग्लोबल ज्ञान परिसर में ब्रजेश कुमार फाउंडेशन के प्रथम अध्यक्ष डॉ. मंगलदेव पांडेय की स्मृति में एक शोक सभा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर संस्था के सदस्यों, प्राचार्यों और शिक्षकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

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Begusarai News: बेगूसराय जिले के गंगा ग्लोबल ज्ञान परिसर स्थित दिनकर सभागार में ब्रजेश कुमार फाउंडेशन द्वारा संस्था के प्रथम अध्यक्ष डॉ. मंगलदेव पांडेय की स्मृति में एक शोक सभा का आयोजन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई.

सभा में गंगा ग्लोबल बीएड कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नीरज कुमार, एमबीए कॉलेज की प्राचार्या डॉ. सुधा झा, गंगा ग्लोबल स्कूल रमजानपुर के प्राचार्य अनिल कुमार और गंगा ग्लोबल स्कूल बलिया की प्राचार्या प्रियंका शर्मा के साथ ट्रस्ट के सदस्य व बिहार विधान परिषद सदस्य (MLC) सर्वेश कुमार, परिसर के समस्त प्राध्यापक एवं शिक्षकों ने डॉ. पांडेय के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपने संस्मरण साझा किए.

नेतरहाट विद्यालय के पूर्व प्राचार्य थे डॉ. मंगलदेव पांडेय

गौरतलब है कि डॉ. मंगलदेव पांडेय प्रसिद्ध नेतरहाट विद्यालय के पूर्व प्राचार्य रहे थे. सेवानिवृत्ति के पश्चात उनका अमूल्य मार्गदर्शन गंगा ग्लोबल परिवार को मिला, जहां उन्होंने अध्यक्ष के रूप में प्रबंधन को एक अभिभावक की तरह दिशा दिखाई और निरंतर प्रेरित किया.

नैतिकता और उच्च सिद्धांतों के प्रतीक थे डॉ. पांडेय: एमएलसी सर्वेश कुमार

ट्रस्टी सह विधान पार्षद सर्वेश कुमार ने अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2011 में जब क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने का प्रयास शुरू हुआ, तब डॉ. मंगलदेव पांडेय का सानिध्य प्राप्त हुआ. गंगा ग्लोबल स्कूल रमजानपुर की स्थापना के समय प्रबंधन समिति की बैठक में उन्होंने यह ऐतिहासिक प्रस्ताव रखा था कि विद्यालय में केवल एन.सी.ई.आर.टी. (NCERT) की पुस्तकें ही चलाई जाएंगी तथा विद्यालय परिसर से किताब, कलम या ड्रेस आदि का व्यापार नहीं होगा—यहाँ केवल पठन-पाठन का कार्य ही किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि डॉ. पांडेय स्वावलंबन के प्रतीक थे और अपना काम स्वयं करने में विश्वास रखते थे. उन्हें कार्यरत शिक्षकों व प्राध्यापकों की सदैव चिंता रहती थी, और उन्हीं की दूरदर्शी सोच के कारण संस्थानों में ई.पी.एफ. (EPF) का प्रावधान लागू हुआ जो आज भी सुचारू रूप से जारी है.

दो मिनट का मौन रख दी गई अंतिम विदाई

शोक सभा में डॉ. नीरज कुमार, डॉ. सुधा झा, अनिल कुमार, प्रियंका शर्मा, डॉ. सुधाकर पांडेय, प्रो. विपिन कुमार, डॉ. अंजलि, डॉ. कामायनी कुमारी और डॉ. राजवंत सिंह ने भी अपने-अपने संस्मरण व्यक्त किए. अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई. इसके अतिरिक्त, गंगा ग्लोबल के सभी संस्थानों में छात्र-छात्राओं और प्रशिक्षुओं के साथ अलग-अलग श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया.


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Bipin Kumar Mishra

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By Bipin Kumar Mishra

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