बेगूसराय : बीहट नगर परिषद में शामिल होगा पिपरा देवस? मुखिया ने प्रस्ताव पर जताई आपत्ति, जानिए क्या है वजह

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नगर परिषद कार्यालय (सांकेतिक तस्वीर)

Pipra Devas Panchayat : पिपरा देवस पंचायत को बीहट नगर परिषद के प्रस्तावित क्षेत्र विस्तार में शामिल किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. पंचायत मुखिया ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है. मुखिया का तर्क है कि पंचायत का स्वरूप पूरी तरह ग्रामीण है और यह कृषि पर निर्भर है.

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Pipra Devas Panchayat : बेगूसराय के बरौनी प्रखंड की पिपरा देवस पंचायत को बीहट नगर परिषद के प्रस्तावित क्षेत्र विस्तार में शामिल किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. पंचायत के मुखिया बबलू साह ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए बरौनी के अंचल अधिकारी को पत्र दिया है. मुखिया का कहना है कि पंचायत का सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक स्वरूप पूरी तरह ग्रामीण है और यहां की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है.

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नगर परिषद विस्तार के प्रस्ताव पर उठे सवाल

बीहट नगर परिषद के क्षेत्र विस्तार के लिए पिपरा देवस पंचायत का नाम प्रस्तावित किए जाने पर पंचायत के मुखिया बबलू साह ने आपत्ति जतायी है. उन्होंने बरौनी के अंचल अधिकारी को आवेदन देकर प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने और पिपरा देवस का नाम विस्तारीकरण की सूची से हटाने की मांग की है.

मुखिया बोले- पूरी तरह ग्रामीण क्षेत्र है पंचायत

मुखिया बबलू साह ने अपने आवेदन में कहा है कि पिपरा देवस पंचायत पूर्णरूपेण ग्रामीण क्षेत्र है. उनके अनुसार पंचायत नगर परिषद में शामिल किए जाने से संबंधित निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं करती है. उन्होंने पंचायत के वर्तमान स्वरूप को देखते हुए प्रस्तावित विस्तार से इसे अलग रखने की मांग की है.

कृषि पर निर्भर है पंचायत की अर्थव्यवस्था

मुखिया ने बताया कि पिपरा देवस मुख्य रूप से कृषि प्रधान क्षेत्र है. पंचायत के लोगों की आजीविका खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर है. उन्होंने कहा कि पंचायत का सामाजिक और आर्थिक ढांचा भी ग्रामीण प्रकृति का है, जिसे नगर परिषद के स्वरूप से अलग माना जाना चाहिए.

सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलजमाव से प्रभावित

आवेदन में मुखिया ने पंचायत की भौगोलिक स्थिति का भी उल्लेख किया है. उन्होंने कहा कि पिपरा देवस में सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलजमाव से प्रभावित रहती है. ऐसे में पंचायत की वर्तमान परिस्थितियां और यहां की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था नगर क्षेत्र से अलग है.

पंचायत में स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने की भी बात

मुखिया ने पिपरा देवस पंचायत में स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने का भी मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई जरूरतें अभी भी मौजूद हैं. ऐसे में पंचायत को नगर परिषद में शामिल करने से पहले स्थानीय परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए.

अंचल अधिकारी से नाम हटाने की मांग

मुखिया बबलू साह ने बरौनी के अंचल अधिकारी से पूरे मामले पर विचार करने का आग्रह किया है. उन्होंने पिपरा देवस पंचायत को बीहट नगर परिषद के प्रस्तावित क्षेत्र विस्तार से हटाने की मांग की है. अब इस आपत्ति और पंचायत की स्थिति के आधार पर प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी.

ग्रामीण स्वरूप को लेकर मुखिया का तर्क

मुखिया का कहना है कि पिपरा देवस का सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक स्वरूप पूरी तरह ग्रामीण है. कृषि भूमि, जलजमाव और ग्रामीण आजीविका यहां की प्रमुख विशेषताएं हैं. इसी आधार पर उन्होंने पंचायत को नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए जाने के प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज करायी है.


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