बेगूसराय में 350 बच्चों को साइबर सुरक्षा और एआई के सुरक्षित उपयोग की दी गई जानकारी
साइबर सुरक्षा को लेकर आयोजित कार्यशाला में बच्चे
Begusarai News : बीहट के राजकीयकृत मध्य विद्यालय में छात्रों को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी से बचाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।
Begusarai News : इंटरनेट और डिजिटल तकनीक आज जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है. इसके साथ ही ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, फर्जी लिंक, एपीके फाइल, ओटीपी एवं केवाईसी के नाम पर धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई ठगी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दुरुपयोग से जुड़े साइबर अपराधों के मामले भी बढ़ रहे हैं. ऐसे में बच्चों को सुरक्षित, सजग और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाने के उद्देश्य से राजकीयकृत मध्य विद्यालय, बीहट में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए शुक्रवार को साइबर सुरक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई.
आपके शहर में
तीन सत्रों में 350 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
साइबरवाणी फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में लगभग 350 विद्यार्थियों ने तीन सत्रों में उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यशाला की खासियत यह रही कि बच्चों को केवल साइबर सुरक्षा के नियम बताने के बजाय वास्तविक घटनाओं, तात्कालिक उदाहरणों, संवाद और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से डिजिटल अपराधों की पहचान और उनसे बचाव के तरीके समझाए गए. साइबरवाणी फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष शशांक शेखर तथा उनकी टीम ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए बताया कि साइबर अपराधी फर्जी लिंक, संदिग्ध संदेश, एपीके फाइल, ओटीपी सत्यापन, केवाईसी अपडेट, सोशल मीडिया संपर्क और यूपीआई भुगतान जैसे माध्यमों का इस्तेमाल कर बच्चों और उनके परिवारों को ठगी का शिकार बनाने का प्रयास करते हैं. विद्यार्थियों को समझाया गया कि डिजिटल दुनिया में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है.
सोशल मीडिया और निजी जानकारी की सुरक्षा पर दिया गया जोर
कार्यशाला में सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग, निजी जानकारी की सुरक्षा, संदिग्ध लिंक और संदेशों की पहचान, डिजिटल गोपनीयता तथा सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को सरल और रोचक तरीके से समझाया गया. विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सकारात्मक और जिम्मेदार उपयोग की भी जानकारी दी. बच्चों को बताया गया कि एआई ज्ञान और रचनात्मकता का एक शक्तिशाली माध्यम है, लेकिन इसके दुरुपयोग और इससे जुड़े संभावित जोखिमों को पहचानना भी आवश्यक है.
‘साइबर सुपरहीरो की शपथ’ बनी कार्यशाला का आकर्षण
कार्यशाला का विशेष आकर्षण ‘साइबर सुपरहीरो की शपथ’ रही. इस दौरान विद्यार्थियों ने सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को साइबर अपराधों से बचाने के लिए जागरूक करने का संकल्प लिया.
हेल्पलाइन 1930 की दी गई जानकारी
सत्र के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 की उपयोगी जानकारी भी दी गई. उन्हें बताया गया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में घबराने या चुप बैठने के बजाय तत्काल 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करानी चाहिए. समय पर सही कदम उठाने से साइबर ठगी से होने वाले नुकसान को सीमित करने में मदद मिल सकती है.
बच्चों ने विशेषज्ञों से पूछे सवाल
प्रधानाध्यापक रंजन कुमार ने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल किसी एक जागरूकता कार्यक्रम का विषय नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक आवश्यक जीवन-कौशल है. हमारा प्रयास है कि बच्चे स्वयं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार सीखें और अपने परिवार तथा समाज में भी साइबर जागरूकता के वाहक बनें. कार्यशाला के दौरान अंशुमन, कर्ण, शबनम, स्वीकृति, माही, अदिति और दिव्या सहित दर्जनों विद्यार्थियों ने संदिग्ध लिंक की पहचान, फर्जी संदेशों से बचाव, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने में सावधानी तथा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों को लेकर विशेषज्ञ टीम से सवाल किए. कार्यक्रम में कक्षा 6 से 8 तक के अधिकांश कक्षा मॉनिटर, सभी हाउस लीडर्स, बाल संसद और इको क्लब के विद्यार्थियों की विशेष एवं सक्रिय भागीदारी रही.
Also Read : सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज में फार्मेसी के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन मीट आयोजित
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए