बेगूसराय में 66 साल बाद बंद हुआ बरौनी माल गोदाम, 16 महीने में रेलवे को दिया 36 करोड़ का राजस्व
बरौनी माल गोदाम की तस्वीर
16 महीने में रेलवे को 36 करोड़ का राजस्व देने वाला बरौनी माल गोदाम 66 साल बाद बंद कर दिया गया है. रेलवे स्टेशन विस्तार के कारण इस फैसले से सैकड़ों मजदूरों, ट्रक संचालकों और कारोबारियों पर रोजगार का संकट मंडराने लगा है.
Barauni Goods Shed: महज 16 महीनों में रेलवे को करीब 36 करोड़ रुपये का राजस्व देने वाला बरौनी माल गोदाम 31 अगस्त से अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है. करीब 66 वर्षों तक संचालित रहे इस माल गोदाम में अब नई माल बुकिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गयी है. रेलवे के इस फैसले से माल गोदाम से जुड़े मजदूरों, ट्रक संचालकों, चालकों, ट्रांसपोर्टरों और कारोबारियों के सामने रोजगार व कारोबार का संकट खड़ा होने की आशंका है.
स्टेशन विस्तार और नई लाइन का निर्माण मुख्य कारण
रेलवे के अनुसार, बरौनी जंक्शन पर फ्रेट कॉरिडोर के तहत स्टेशन विस्तार का काम होना है. इसके साथ ही दक्षिण दिशा में शंटिंग नेक और नयी स्टेबलिंग लाइन का निर्माण प्रस्तावित है. इसी वजह से बरौनी माल गोदाम में नयी माल बुकिंग पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है.
जानकारों के अनुसार, बरौनी गुड्स शेड की शुरुआत करीब वर्ष 1959 में हुई थी. एक समय यहां देश के विभिन्न राज्यों से मालगाड़ियों के जरिये खाद्य सामग्री समेत अन्य सामान पहुंचता था. माल की लोडिंग और अनलोडिंग से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता था.
मजदूरों और ट्रक संचालकों के सामने रोजगार का संकट
माल गोदाम बंद होने का सीधा असर यहां काम करने वाले मजदूरों पर पड़ेगा. इसके अलावा सैकड़ों ट्रक संचालक, चालक, खलासी और ट्रांसपोर्टर भी प्रभावित होंगे. माल की ढुलाई से जुड़े कारोबार पर रोक लगने से इन लोगों की आय प्रभावित होने की आशंका है.
स्थानीय स्तर पर माल गोदाम से जुड़े कारोबार का व्यापक असर आसपास की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता रहा है. ऐसे में इसके बंद होने से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्रभावित होने की बात कही जा रही है.
16 महीने में रेलवे को करीब 36 करोड़ का राजस्व
रेलवे से जुड़े जानकारों के मुताबिक, अप्रैल 2025 से जुलाई 2026 के बीच बरौनी माल गोदाम पर 100 से अधिक रेल रैक के जरिये करीब 2.70 लाख मीट्रिक टन माल पहुंचा. इससे रेलवे को 31 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ.
वहीं, बरौनी माल गोदाम से विभिन्न राज्यों के लिए 14 से अधिक रेल रैक के जरिये माल भेजा गया, जिससे करीब 4.5 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की बात कही गयी है. इस तरह करीब 16 महीनों में रेलवे को कुल लगभग 36 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ.
वर्षों पुरानी व्यवस्था पर लगा विराम
करीब छह दशक से अधिक समय तक बरौनी के औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों में माल गोदाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही. अब रेलवे के विस्तार कार्य के कारण इसके बंद होने से स्थानीय स्तर पर इसके आर्थिक प्रभाव को लेकर भी चर्चा शुरू हो गयी है. माल गोदाम से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों के साथ-साथ आसपास के परिवहन और व्यापारिक कारोबार पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है.
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