बेगूसराय में 150 वर्षों पुराना घटकिंडी दुर्गा मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र, इतिहास और लोकमान्यताओं से जुड़ी है खास पहचान

Author Vikash Kumar|Edited by Yuvraj Ratan
Updated:
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घटकिंडी दुर्गा मंदिर की तस्वीर

Begusarai News : बेगूसराय का 150 साल पुराना घटकिंडी दुर्गा मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और लोकविश्वास का अनूठा संगम है. विशेष मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है.

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Begusarai News : बेगूसराय जिले के बरौनी प्रखंड स्थित घटकिंडी दुर्गा मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और लोकविश्वास का अनूठा संगम है. करीब 150 वर्ष से अधिक पुराने इस सिद्धपीठ में वर्षभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. विशेषकर शारदीय और चैत्र नवरात्र के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु माता दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं.

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अंग्रेजी शासनकाल में हुआ था मंदिर का पुनर्निर्माण

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार मंदिर का पक्का निर्माण अंग्रेजी शासनकाल में नील कोठी के तत्कालीन इंचार्ज लार्ड मेना ने कराया था. बताया जाता है कि उस समय गंगा तट स्थित श्मशान घाट के पास बना यह मंदिर काफी जर्जर अवस्था में था. बाद में इसका भव्य पुनर्निर्माण कराया गया और मंदिर परिसर का विस्तार किया गया.

लोककथा से जुड़ी है मंदिर की विशेष पहचान

मंदिर से जुड़ी एक प्रचलित लोककथा के अनुसार लार्ड मेना लंबे समय तक गोली लगने के घाव से पीड़ित थे. उन्होंने मंदिर के पुजारी से माता की शक्ति की परीक्षा लेने की इच्छा जताई. कहा जाता है कि पुजारी ने हवन कुंड की भभूत उनके घाव पर लगाई, जिसके बाद उनका घाव ठीक हो गया. इस घटना से प्रभावित होकर लार्ड मेना माता दुर्गा के अनन्य भक्त बन गए और उन्होंने मंदिर का पुनर्निर्माण कराया. स्थानीय परंपराओं के अनुसार उन्होंने मंदिर के नाम पर भूमि भी दान की थी.

मनोकामना पूर्ण होने की है मान्यता

स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इस सिद्धपीठ में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं पूरी होती हैं. वहीं अधर्म और अन्याय करने वालों को माता स्वयं दंड देती हैं. यही वजह है कि आसपास के गांवों के लोग किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले यहां आकर माता का आशीर्वाद लेना शुभ मानते हैं.

नवरात्र में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

शारदीय और चैत्र नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है. इस अवसर पर बेगूसराय के अलावा आसपास के कई जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है और माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठता है.

धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र

घटकिंडी दुर्गा मंदिर आज भी बेगूसराय की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. इतिहास से जुड़ी कथाएं और स्थानीय लोकमान्यताएं इस मंदिर को विशेष पहचान प्रदान करती हैं.

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