अक्षय तृतीया को लेकर ज्वेलरी दुकानों पर उमड़ी भीड़

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बेगूसराय : अक्षय तृतीया का त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ न सिर्फ मनाते हैं वरन इस तिथि को दान,नये सामान की खरीदारी का विशेष महत्व होता है. इसी के तहत बाजारों में पिछले दो दिनों से व्यवसायी वर्ग इसकी तैयारी में जुटे हुए थे. अक्षय तृतीया के दिन ज्वलेरी की दुकानों पर भारी भीड़ […]

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बेगूसराय : अक्षय तृतीया का त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ न सिर्फ मनाते हैं वरन इस तिथि को दान,नये सामान की खरीदारी का विशेष महत्व होता है. इसी के तहत बाजारों में पिछले दो दिनों से व्यवसायी वर्ग इसकी तैयारी में जुटे हुए थे. अक्षय तृतीया के दिन ज्वलेरी की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गयी.

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हर कोई इस तिथि को स्वर्ण आभूषण खरीदकर घर ले जाना चाहते हैं. इस खास पर्व को ध्यान में रखते हुए शहर के मेन रोड के कई ज्वेलरी दुकानों में आकर्षक डिजाइनों की ज्वेलरी को लगाया गया है ताकि ग्राहक अपनी पसंद के समान खरीदकर घर ले जा सकें.
शहर के अर्जुन दास सर्राफ समेत कई सोने-चांदी की दुकानों में अक्षय तृतीया को लेकर अलग-अलग स्टॉल लगाये गये हैं ताकि ग्राहक अपनी पसंद के स्वर्ण आभूषणों की खरीदारी कर सके. अर्जुन दास सर्राफ शो रू म के प्रोपराइटर जर्नादन दास ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन खरीदारी को लेकर इस बार कई डिजाइनों के ज्वेलरी को ग्राहकों की पसंद के अनुसार रखा गया था.
अक्षय तृतीया के क्या हैं महत्व
ऐसी मान्यता है कि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया की कथा सुनना एवं इस दिन इस दिन स्नान, दान, जप, होम, स्वाध्याय,तर्पण आदि जो भी कर्म किये जाते हैं.वे सब अक्षय हो जाते हैं . सत्ययुग का आरंभ भी इसी तिथि को हुआ था. इसलिए उसे कृतयुगादि तृतीया भी कहते हैं
. यह संपूर्ण पापों का नाश करनेवाली एवं सभी सुखों को प्रदान करनेवाली है. पंडित रामनंदन झा कथा प्रसंग में सुनाते कि यदि वैशाख शुक्ल की तृतीया हो तो उस दिन का दिया हुआ दान अक्षय हो जाता है.
यह सुनकर उसने अक्षय तृतीया के दिन गंगा में अपने पितरों का तर्पण किया और घर आकर जल और अन्न से पूर्ण घट,सत्तू,दही,चना, गेहूं, गुड़, ईख,खांड(चीनी) और सुवर्ण श्रद्धापूर्वक ब्राह्मणों को दान दिया. कुटुंब में आसक्त रहनेवाली उसकी स्त्री उसे बार-बार रोकती थी.किंतु वह अक्षय तृतीया को अवश्य ही दान करता था. इस तिथि में किये गये कर्म का क्षय नहीं होता. इसीलिए मुनियों ने इसका नाम अक्षय-तृतीया रखा है.
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