बिहार सरकार मधुमक्खी पालन के लिए दे रही है 75 फीसदी अनुदान, नये वित्तीय वर्ष की तैयारी शुरू
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 05 May 2023 3:38 AM
एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत मधुमक्खी के छत्ते व मधुमक्खी पेटिका पर 75 फीसदी अनुदान का प्रावधान है. मधुमक्खी पालन के प्रति लोगों को रुझान बढ़े, इसलिए योजना और अनुदान के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है.
बिहार: मुजफ्फरपुर में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग की ओर से अनुदान के साथ टारगेट की तैयारी शुरू कर दी गयी है. एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत मधुमक्खी के छत्ते व मधुमक्खी पेटिका पर 75 फीसदी अनुदान का प्रावधान है. मधुमक्खी पालन के प्रति लोगों को रुझान बढ़े, इसलिए योजना और अनुदान के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है. कृषि विभाग की ओर से मधुमक्खी के बॉक्स की इकाई लागत चार हजार तय की गयी है. जिस पर 75 फीसदी अनुदान मिलेगा.
पिछले वर्ष इस योजना के तहत जिला उद्यान विभाग की ओर से जीविका समूह के बीच मधुमक्खी की पेटी का वितरण अनुदानित दर पर किया गया था. जल्द ही पटना से टारगेट मिलने की उम्मीद है. रिकॉर्ड के तहत जीविका दीदी मधुमक्खी पालन के कार्य में बेहतर कर, आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य लोगों को भी प्रोत्साहित कर रही है. पिछले वर्ष सबसे अधिक पांच हजार बॉक्स का जीविका समूह के बीच वितरण किया गया था. आपको बता दें की पिछले वित्तीय वर्ष में 3,91,298 किलोग्राम शहद का उत्पादन हुआ है. हालांकि इस वर्ष इसमें और बढ़ोतरी की उम्मीद है.
Also Read: बिहार: मुजफ्फरपुर की लीची का कर रहें हैं इंतजार, जानिए बाजार में कब तक आएगी शाही लीची, क्या रहेगा आम का हाल
आंकड़ों के अनुसार वर्ष- 2021-22 में मधुमक्खी पालन से जुड़े 4 हजार बॉक्स व 2022-23 में 5 हजार बॉक्स जीविका दीदियों के बीच वितरण किया गया था. जीविका की डीपीएम अनिशा ने बताया कि फिलहाल जिले के अलग-अलग प्रखंडों में एक हजार से अधिक जीविका दीदी मधुमक्खी पालन कर रही है. एक जीविका दीदी को मधुमक्खी पालन के लिए 10 बॉक्स दिया जाता है. पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसी जीविका दीदी हैं, जो दस बॉक्स से शुरुआत कर, अभी वर्तमान में 100 बॉक्स तक पहुंच गयी है. शहद के उत्पादन में भी दिनों-दिन बढ़ोतरी हो रही है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










