पंजवारा का पुल बना हादसों का ‘डेंजर जोन’, सड़क पर दुकानें और भारी वाहनों के दबाव से सहमे ग्रामीण

Updated:
विज्ञापन

पंजवारा बाजार पुल पर जाम का दृश्य. | Prabhat Khabar Network

पंजवारा का महत्वपूर्ण पुल इन दिनों हादसों का केंद्र बनता जा रहा है. पुल के दोनों ओर दुकानों और भारी वाहनों के दबाव से स्थानीय लोग सहमे हुए हैं. प्रशासन की अनदेखी से यह पुल सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक बन गया है.

विज्ञापन

पंजवारा बाजार स्थित महत्वपूर्ण पुल इन दिनों प्रशासनिक अनदेखी के कारण हादसों के खतरे से जूझ रहा है. बिहार और झारखंड को जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग पर पुल के दोनों छोर पर सब्जी, चाट और चाउमीन की दुकानें सजने से आवागमन का रास्ता लगातार संकरा होता जा रहा है. इसी संकरे मार्ग से दिन-रात टैंकर, ट्रक और अन्य भारी वाहन गुजरते हैं. ऐसे में पैदल राहगीरों, बाइक सवारों और स्थानीय दुकानदारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

आपके शहर में

विज्ञापन

पुल के दोनों छोर पर सड़क तक सज जाती हैं दुकानें

सड़क किनारे लगी सब्जी की दुकानें.
सड़क किनारे लगी सब्जी की दुकानें.

पुल के दोनों तरफ रोजाना सब्जी विक्रेता सड़क किनारे दुकानें लगा देते हैं. इसके अलावा ठेले पर चाट-चाउमीन समेत अन्य खाद्य पदार्थों की दुकानें भी लग जाती हैं. इससे पुल के आसपास का अधिकांश हिस्सा घिर जाता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकानों और ठेलों के कारण वाहनों को निकलने के लिए सीमित जगह मिलती है. आमने-सामने से भारी वाहन आने पर स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती है. पैदल चलने वाले लोगों को भी वाहनों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है.

संकरे पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ा रही खतरा

पंजवारा का यह मार्ग बिहार और झारखंड के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है. इस कारण यहां दिन-रात वाहनों की आवाजाही बनी रहती है. टैंकर, ट्रक और अन्य भारी वाहन भी इसी रास्ते से गुजरते हैं.

स्थानीय लोगों के अनुसार संकरे पुल पर अतिक्रमण के बीच भारी वाहनों की आवाजाही दुर्घटना की आशंका बढ़ा रही है. थोड़ी सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है. खासकर भीड़भाड़ के समय राहगीरों और दुकानदारों के लिए खतरा और बढ़ जाता है.

पर्व-त्योहार में घंटों जाम, थम जाता है आवागमन

पर्व-त्योहार के दौरान पुल और बाजार की स्थिति और गंभीर हो जाती है. श्रद्धालुओं और खरीदारों की बढ़ती भीड़ के साथ वाहनों का दबाव बढ़ने से पुल के आसपास घंटों जाम लग जाता है.

जाम के दौरान एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान यदि भारी वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया जाए तो पुल और बाजार क्षेत्र में काफी हद तक दबाव कम किया जा सकता है.

ग्रामीणों का आरोप, कार्रवाई के बाद फिर लौट जाता है अतिक्रमण

स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से पुल के दोनों छोर को स्थायी रूप से अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है. उनका कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर कभी-कभार कार्रवाई जरूर होती है, लेकिन कार्रवाई के बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है.

ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासनिक टीम के लौटते ही दुकानदार दोबारा सड़क किनारे दुकानें सजा लेते हैं. इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है.

उठाने होंगे ठोस कदम

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुल के दोनों छोर पर स्थायी अतिक्रमण हटाने, सड़क किनारे दुकान लगाने पर रोक लगाने और पर्व-त्योहार के दौरान भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट निर्धारित करने की मांग की है.

लोगों का कहना है कि यह केवल जाम की समस्या नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है. यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गयी तो किसी दिन छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है. ग्रामीणों ने प्रशासन से किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन