अब बांस भी बनेगा कमाई का जरिया! बांका में 9.62 लाख की योजना मंजूर, जानें कैसे मिलेगा लाभ
बांस की खेती करते किसान
बांका जिले में किसानों की आय बढ़ाने के लिए बांस की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत 9.62 लाख रुपये की योजना मंजूर हुई है, जिससे 20 हेक्टेयर भूमि पर बांस लगाए जाएंगे. छोटे किसान भी 10 से 50 डिसमिल जमीन पर खेती कर लाभ उठा सकते हैं.
बांका. जिले में किसानों की आय बढ़ाने और वैकल्पिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने बांस की खेती पर जोर दिया है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत बांका जिले के लिए 9.62 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गयी है. योजना के तहत जिले में 20 हेक्टेयर भूमि पर बांस की खेती कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. छोटे और सीमांत किसानों को भी योजना से जोड़ने के लिए 10 डिसमिल से लेकर 50 डिसमिल तक भूमि पर खेती का अवसर दिया जाएगा.
बांका के लिए 9.62 लाख रुपये स्वीकृत
कृषि विभाग के स्वीकृत्यादेश के अनुसार बांका समेत बिहार के 21 जिलों में राष्ट्रीय बांस मिशन का क्रियान्वयन किया जाएगा. बांका के लिए स्वीकृत 9.62 लाख रुपये में 7.82 लाख रुपये सामान्य श्रेणी और 1.80 लाख रुपये अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए निर्धारित किए गए हैं. अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिए बांका जिले में अलग से राशि का प्रावधान नहीं किया गया है.
प्रति हेक्टेयर अधिकतम 36 हजार रुपये का अनुदान
योजना के तहत किसान न्यूनतम 0.04 हेक्टेयर यानी 10 डिसमिल और अधिकतम 0.20 हेक्टेयर यानी 50 डिसमिल भूमि में बांस की खेती कर सकेंगे. निर्धारित इकाई लागत के अनुसार किसानों को लागत का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 36 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर होगी. यदि वास्तविक लागत निर्धारित इकाई लागत से कम होती है तो किसान को वास्तविक लागत का 50 प्रतिशत ही अनुदान के रूप में दिया जाएगा. इससे कम भूमि वाले किसानों को भी बांस की खेती शुरू करने का अवसर मिलेगा.
50 डिसमिल तक जमीन में कर सकेंगे बांस की खेती
बांका में निर्धारित 20 हेक्टेयर लक्ष्य के तहत चयनित किसानों को 10 डिसमिल से 50 डिसमिल तक भूमि में बांस लगाने का अवसर मिलेगा. योजना का उद्देश्य बांस उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ऐसी भूमि के उपयोग को प्रोत्साहित करना भी है, जहां पारंपरिक फसलों की खेती अपेक्षाकृत कठिन होती है.
विभाग को उम्मीद है कि बांस उत्पादन से किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी. इसके साथ ही बांस आधारित गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर भी विकसित हो सकते हैं.
50 प्रसार कर्मियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
योजना के तहत सिर्फ पौधरोपण ही नहीं, बल्कि तकनीकी प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया है. बांका में 50 क्षेत्रीय प्रसार कर्मियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए 50 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है. प्रशिक्षित प्रसार कर्मियों के माध्यम से किसानों तक बांस की खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी पहुंचाने और योजना के क्रियान्वयन में सहयोग देने पर जोर रहेगा.
180 किसानों और कारीगरों को भी मिलेगा प्रशिक्षण
बांस से जुड़े काम को बढ़ावा देने के लिए जिले में 180 किसानों और कारीगरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके लिए 1.80 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं. प्रशिक्षण में बांस की खेती के साथ उससे जुड़े कार्यों, हस्तशिल्प और उद्यमिता के क्षेत्र में कौशल विकसित करने पर जोर दिया जाएगा.
खेती के साथ बांस आधारित रोजगार पर भी जोर
राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत बांका में खेती के अलावा बांस से जुड़े कौशल और रोजगार को बढ़ावा देने की पहल की जा रही है. किसानों को उत्पादन से जोड़ने के साथ कारीगरों को प्रशिक्षण मिलने से बांस आधारित गतिविधियों का स्थानीय स्तर पर विस्तार होने की संभावना है. इससे कृषि के साथ वैकल्पिक आय के साधन विकसित करने में मदद मिल सकती है.
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