विश्व आदिवासी दिवस पर औरंगाबाद के बच्चों ने आदिवासी वेशभूषा में दिखाई कला और संस्कृति की झलक

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प्रस्तुति देते छात्र

Aurangabad News : औरंगाबाद के राजकीय मध्य विद्यालय में विश्व आदिवासी दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन, बच्चों को बाढ़ से बचाव के उपाय भी सिखाए गए.

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Aurangabad News : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राजकीय मध्य विद्यालय सलैया, मदनपुर में प्रधानाध्यापक राजकुमार प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों ने आदिवासी वेशभूषा धारण कर अपनी कला, कौशल एवं प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया. बच्चों ने आदिवासी संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली की मनमोहक झलक प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया.

सांस्कृतिक विरासत से बच्चों को कराया गया परिचित

प्रधानाध्यापक राजकुमार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि विद्यालय में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य बच्चों को देश की विविध एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है. साथ ही बच्चों में सामाजिक समरसता, समानता और सभी समुदायों की संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना भी इसका उद्देश्य है. उन्होंने कहा कि विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है.

सुरक्षित शनिवार के तहत बाढ़ से बचाव की दी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान सुरक्षित शनिवार के तहत बच्चों को बाढ़ जैसी आपदा से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. शिक्षकों ने बच्चों को बाढ़ आने से पहले आवश्यक तैयारियां करने, बाढ़ के दौरान सुरक्षित स्थान पर जाने, बिजली के तारों और तेज बहाव वाले पानी से दूर रहने तथा प्रशासन एवं बचाव दल के निर्देशों का पालन करने के बारे में बताया.

आपदा के समय दूसरों की मदद के लिए भी रहें जागरूक

बच्चों को समझाया गया कि आपदा के समय स्वयं सुरक्षित रहने के साथ-साथ दूसरों की सहायता के लिए भी जागरूक रहना चाहिए. शिक्षकों ने बच्चों को आपदा की स्थिति में धैर्य बनाए रखने और सुरक्षित तरीके से कार्य करने के महत्व की जानकारी दी. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ आपदा प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों ने कार्यक्रम को उपयोगी और ज्ञानवर्धक बना दिया.

उत्साह के साथ बच्चों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में बच्चों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ भाग लिया. आदिवासी वेशभूषा में बच्चों की प्रस्तुतियों ने विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक विविधता की सुंदर झलक पेश की. कार्यक्रम में शिक्षकों एवं ग्रामीणों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया.

शिक्षा को संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने पर जोर

विद्यालय परिवार की ओर से कहा गया कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है. बच्चों को संस्कृति, सामाजिक जिम्मेदारी, आपदा प्रबंधन और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ना भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है. ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक समझ भी विकसित होती है.

शिक्षक-शिक्षिकाएं और ग्रामीण रहे मौजूद

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक धनंजय कुमार राज, सत्यानंद, प्रवीण, रामेश्वर भुइयां, बलिंद्र रजक, शिक्षिकाएं प्रतिभा कुमारी, रीता कुमारी, कृति कुमारी, रेखा कुमारी, जेबा, अर्शिया, महरीन, मुस्कान सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं ग्रामीण मौजूद रहे.

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Sudhir Kumar Singh

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By Sudhir Kumar Singh

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