भीम बराज से RMC में छोड़ा गया 1,722 क्यूसेक पानी, बिहार को मिल रहा 925 क्यूसेक

Author Ambuj kumar|Edited by Vikash Jha
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अंबा क्षेत्र में उत्तर कोयल मुख्य नहर का जल प्रवाह | Prabhat Khabar Network

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झारखंड के पठारी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण उत्तर कोयल नदी पर स्थित भीम बराज पूरी तरह से भर गया है. इसके साथ ही, बिहार के नवीनगर, अंबा और औरंगाबाद सदर डिवीजनों में सिंचाई के लिए राइट मेन कैनाल (RMC) में जलापूर्ति शुरू कर दी गई है. हालाँकि, नहर परियोजना में कुछ तकनीकी बाधाओं के कारण अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने में समस्या आ रही है.

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Aurangabad News: झारखंड के पठारी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण उत्तर कोयल नदी पर स्थित भीम बराज लबालब भर गया है. इसके साथ ही राइट मेन कैनाल (RMC) में सिंचाई के लिए जलापूर्ति शुरू कर दी गई है.

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जल संसाधन विभाग के अनुसार मंगलवार को भीम बराज से मुख्य नहर में 1,722 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि बराज का वाटर पॉन्ड लेवल 2.40 मीटर मेंटेन करते हुए 13,000 क्यूसेक पानी डाउन स्ट्रीम में प्रवाहित किया जा रहा है.

किस क्षेत्र को कितना मिल रहा पानी?

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, झारखंड पोर्शन के 103 RD के समीप बिहार के नवीनगर डिवीजन को 925 क्यूसेक पानी प्राप्त हो रहा है:

  • नवीनगर डिवीजन: प्राप्त पानी में से लगभग 450 क्यूसेक पानी नवीनगर क्षेत्र के कमांड एरिया में सिंचाई के लिए उपयोग किया जा रहा है.
  • अंबा डिवीजन: अंबा डिवीजन क्षेत्र में 475 क्यूसेक पानी पहुंच रहा है.
  • औरंगाबाद सदर डिवीजन: अंबा से लगभग 100 क्यूसेक पानी औरंगाबाद सदर डिवीजन को उपलब्ध कराया जा रहा है.

अंतिम छोर तक नहीं पहुंचा पानी, तकनीकी बनी बाधा

हालांकि, नहर परियोजना अभी भी अपने निर्धारित लक्ष्य से पीछे चल रही है. मुख्य नहर का पानी अब तक टेल-एंड (अंतिम छोर) के कमांड क्षेत्र तक नहीं पहुंच पाया है, जिससे किसानों की धान की रोपाई प्रभावित हो रही है.

अधीनस्थ अधिकारियों के अनुसार, वाप्कोस (WAPCOS) परियोजना के तहत कई स्थानों पर क्रॉस रेगुलेटर (CR) एवं हेड रेगुलेटर (HR) का सिस्टम पूरी तरह एडजस्ट नहीं हो पाया है, जिसके कारण अंतिम छोर तक पानी ले जाने में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं.

क्या कहते हैं चीफ इंजीनियर?

"किसानों के खेतों तक समय पर सिंचाई का पानी पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है. जहां-जहां HR और CR का कार्य अधूरा है, वहां नहर संचालन में दिक्कतें आ रही हैं. इन कमियों को जल्द दूर करने के लिए वाप्कोस को पत्र भेजा गया है ताकि नहर प्रणाली का सुचारु संचालन सुनिश्चित हो सके." — अर्जुन प्रसाद सिंह, मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग


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