औरंगाबाद में ट्रेन की चपेट में आने से 150 से अधिक भेड़ों की मौत, चरवाहे के सामने रोजी-रोटी का संकट

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1.घटना की जानकारी देते पीड़ित पशुपालक व अन्य 2. पीड़ित पशुपालक ललन पाल | Prabhat Khabar Network

घटना की जानकारी देते पीड़ित पशुपालक ललन पाल | Prabhat Khabar Network

औरंगाबाद जिले में एक भीषण रेल हादसा हुआ, जिसमें 150 से अधिक भेड़ों की मौत हो गई. यह हादसा पशुपालक ललन पाल के लिए आजीविका का एकमात्र सहारा छिन जाने जैसा है, जिससे उनकी बेटियों की शादी पर भी संकट मंडरा रहा है. स्थानीय लोग मुआवजे और विशेष सहायता की मांग कर रहे हैं.

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Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र अंतर्गत न्यू सोननगर और बगहा रेलवे स्टेशन के बीच एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. ट्रेन की चपेट में आने से स्थानीय पशुपालक ललन पाल की 150 से अधिक भेड़ों की दर्दनाक मौत हो गई. यह भीषण हादसा न केवल मवेशियों की जान जाने तक सीमित है, बल्कि इसने एक गरीब परिवार की आजीविका और उनके भविष्य के सारे सपनों को चकनाचूर कर दिया है.

20 लाख का नुकसान

पीड़ित पशुपालक ललन पाल ने रुंधे गले और आंखों में आंसू लिए बताया कि इस हादसे में उन्हें लगभग 20 लाख रुपये का भारी-भरकम आर्थिक नुकसान हुआ है. उनके पूरे परिवार का भरण-पोषण और जीवन-यापन पूरी तरह से इन्हीं भेड़ों पर निर्भर था. ललन पाल के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी तीन बेटियों की शादी को लेकर खड़ी हो गई है, जिसके लिए उन्होंने इन भेड़ों को ही अपनी जीवन भर की पूंजी बना रखा था. जीविका का एकमात्र साधन छिन जाने से पूरा परिवार गहरे सदमे और लाचारी में है.

संक्रमण फैलने की आशंका

घटनास्थल का दृश्य बेहद विदारक और भयावह बना हुआ है. रेलवे ट्रैक पर काफी दूर-दूर तक भेड़ों के अवशेष बिखरे पड़े हैं, जिन्हें आवारा कुत्ते और चील नोच रहे हैं. प्रशासनिक स्तर पर समय से अवशेषों को न हटाए जाने के कारण आसपास के इलाके में भीषण दुर्गंध और संक्रमण फैलने की गंभीर आशंका जताई जा रही है. स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन की इस सुस्ती को लेकर भारी आक्रोश है.

मुआवजा और विशेष सहायता की मांग

घटना के बाद स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने सरकार व रेलवे प्रशासन से पीड़ित परिवार को तुरंत राहत देने की मांग की है. लोगों ने मांग उठाई है कि:

  • बिहार सरकार और रेलवे विभाग द्वारा क्षति का सटीक आकलन कर पीड़ित ललन पाल को तुरंत उचित मुआवजा दिया जाए.
  • बेटियों की शादी और आजीविका के संकट को देखते हुए जिला प्रशासन विशेष सहायता योजना के तहत आर्थिक मदद प्रदान करे.
  • रेलवे पटरियों के आसपास इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुरक्षा इंतजाम किए जाएं.


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Rajuranjan Kumar

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By Rajuranjan Kumar

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