औरंगाबाद : कभी खुद को SSP तो कभी DSP बताकर की ठगी, अब IPS बनकर लोगों को धमकाते पकड़ा गया
सांकेतिक तस्वीर
औरंगाबाद नगर थाना पुलिस ने खुद को प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी बताकर रोब झाड़ने और ठगी करने वाले विकास कुमार को गिरफ्तार किया है. गया जिले के टेकारी का रहने वाला यह शातिर पहले भी एसएसपी, डीएसपी और एसपी बनकर फर्जीवाड़ा करने के मामलों में शामिल रहा है.
Aurangabad News : खुद को प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी बताकर आम लोगों और अधिकारियों को धमकाने वाले एक शातिर जालसाज को औरंगाबाद नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपित की पहचान गया जिले के टेकारी थाना क्षेत्र के अर्कदिबरिया गांव निवासी विकास कुमार (24 वर्ष), पिता स्व. जगदीप सिंह के रूप में की गई है. पुलिस के अनुसार, यह आरोपित पहले भी अलग-अलग जगहों पर पुलिस अधिकारी बनकर ठगी और धोखाधड़ी की कई गंभीर वारदातों में शामिल रहा है.
औरंगाबाद पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गत 21 सितंबर को नगर थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि जसोइया मोड़ के पास एक व्यक्ति नशे की हालत में खुद को प्रशिक्षु आईपीएस बताकर आम लोगों को भयभीत कर रहा है. इस सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए नगर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया. पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम विकास कुमार बताया.
एसएसपी और डीएसपी बनकर भी कर चुका है ठगी
पुलिस ने आरोपित के गृह जिले गया के टेकारी थाना से संपर्क कर उसके बारे में आपराधिक इतिहास का सत्यापन कराया. इसमें यह बात सामने आई कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं, बल्कि एक शातिर जालसाज है. पुलिस के मुताबिक, इस आरोपित ने पूर्व में खुद को पटना का एसएसपी राजीव कुमार मिश्रा बताकर जहानाबाद रेल थाना को एक ट्रेन को बम से उड़ाने की झूठी सूचना दी थी, जिसके संबंध में जहानाबाद रेल थाना कांड संख्या 56/23 दर्ज किया गया था.
इसके अलावा, गया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में खुद को डीएसपी बताकर एक व्यक्ति से पैसों की धोखाधड़ी करने का मामला भी दर्ज है. इस संबंध में मुफस्सिल थाना कांड संख्या 664/26 दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है.
सासाराम के जेल अधीक्षक को दी थी धमकी
इस शातिर ने अपनी धमक जमाने के लिए सासाराम के जेल अधीक्षक को मोबाइल फोन पर कॉल कर धमकी भी दी थी. हद तो तब हो गई जब उसने खुद को रोहतास का एसपी बताकर कैमूर जिले के मोहनिया थानाध्यक्ष को फोन किया और अपने लिए एस्कॉर्ट वाहन की मांग कर डाली.
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औरंगाबाद नगर थाना में भी उसके खिलाफ फर्जी आईपीएस बनकर धोखाधड़ी करने के आरोप में कांड संख्या 597/26 और 598/26 दर्ज किए गए हैं. पुलिस ने आरोपित को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया है.
पुलिस के अनुसार, आरोपित ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है तथा उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है. एक सप्ताह पूर्व इसी फर्जी आईपीएस ने जसोइया मोड़ के समीप अपनी इन हरकतों से पुलिस महकमे में खलबली मचा दी थी और पुलिस के साथ दो-तीन जगहों पर छापेमारी भी की थी. भांडा फूटने पर वह फरार हो गया था, जिसके बाद अब पुलिस ने उसे धर दबोचा है.
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