18 साल बाद भी आरा में सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम अधूरा, जलजमाव और गंदगी से लोग परेशान

आरा शहर में नगर निगम का दर्जा मिले 18 साल बीत गए, लेकिन सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम अब तक अधूरा है. बरसात में जलजमाव और गंदगी से लोग बदहाल हैं. स्थानीय निवासी वर्षों से आश्वासन मिलने की बात कह रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत चिंताजनक है.
Arrah Still Lacks Sewerage and Drainage System : आरा शहर को नगर निगम का दर्जा मिले करीब 18 साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन आज भी यहां के लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है. सबसे बड़ी समस्या सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम की है, जो अब तक धरातल पर नहीं उतर सका है. बरसात के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं, जब शहर के कई इलाकों में जलजमाव और गंदगी से लोगों का जीना मुश्किल हो जाता है. नगरवासियों का कहना है कि वर्षों से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं दिख रहा है.
शहर के कई मोहल्लों में हल्की बारिश के बाद ही पानी सड़कों पर भर जाता है. नालियां ओवरफ्लो करने लगती हैं और गंदा पानी घरों तक पहुंच जाता है. इससे न सिर्फ आवाजाही में परेशानी होती है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. लोगों का कहना है कि नगर निगम इस दिशा में गंभीर नजर नहीं आ रहा है.
Waterlogging Problem : ड्रेनेज सिस्टम की कमी से बढ़ रही परेशानी
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नगर निगम क्षेत्र के लिए मजबूत ड्रेनेज सिस्टम बेहद जरूरी होता है. यह एक ऐसा नेटवर्क होता है, जिसमें पाइप, नालियां और ट्रैप के जरिए बारिश और गंदे पानी को व्यवस्थित तरीके से बाहर निकाला जाता है. इससे शहर में जलजमाव की समस्या नहीं होती और भवनों को सीलन से भी बचाया जा सकता है.
लेकिन आरा में यह व्यवस्था अभी तक सही तरीके से लागू नहीं हो सकी है. नतीजा यह है कि हर साल बरसात में वही पुरानी समस्या सामने आ जाती है और लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है.
सीवरेज सिस्टम से मिल सकती है राहत
शहर में सीवरेज सिस्टम लागू होने से कई समस्याओं का समाधान हो सकता है. यह भूमिगत पाइपों और मैनहोल का एक नेटवर्क होता है, जो घरों और उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी को सुरक्षित तरीके से ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाता है.
इससे न केवल शहर साफ-सुथरा रहता है, बल्कि जलजनित बीमारियों पर भी रोक लगती है. साथ ही गंदा पानी सीधे नदियों में जाने से भी रोका जा सकता है. लेकिन आरा में इस दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आई है.
अतिक्रमण और संकरी सड़कों से बढ़ी चुनौती
शहर में अतिक्रमण एक बड़ी समस्या बन चुकी है. सड़कों पर ठेले और गुमटी लगाने से उनकी चौड़ाई काफी कम हो गई है. ऐसे में बड़े स्तर पर ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम विकसित करना और भी मुश्किल हो जाता है.
नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित नजर आती है. अभी तक शहर में व्यवस्थित वेडिंग जोन भी विकसित नहीं किया गया है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है.
नगरवासियों में नाराजगी
शहर के लोगों में इस मुद्दे को लेकर काफी नाराजगी है. स्थानीय निवासी पीयूष पुष्कर का कहना है कि नगर निगम सिर्फ टैक्स वसूली पर ध्यान दे रहा है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा है. बार-बार बजट में योजनाएं पास होती हैं, लेकिन जमीन पर काम नहीं दिखता.
वहीं डॉ ज्योतिन्द्र जयेन्द्र का कहना है कि शहर में हर हाल में सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम बनना चाहिए. खासकर बरसात के दिनों में लोगों को जलजमाव से मुक्ति मिलनी चाहिए और गंदे पानी की समस्या खत्म होनी चाहिए.
प्रशासन ने दिया आश्वासन
इस मामले पर उप नगर आयुक्त जमाल अख्तर अंसारी ने कहा कि सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम शहर के लिए जरूरी है और इस पर विचार किया जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस दिशा में काम किया जाएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके.
अब भी इंतजार जारी
फिलहाल आरा के लोगों के लिए यह समस्या जस की तस बनी हुई है. साल दर साल योजनाएं बनती हैं, लेकिन अमल नहीं हो पाता. ऐसे में अब लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी है कि आखिर कब उन्हें इस बुनियादी सुविधा का लाभ मिलेगा और कब शहर जलजमाव व गंदगी की समस्या से पूरी तरह मुक्त होगा.
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