आरा में मोहम्मद रफ़ी को संगीतमय श्रद्धांजलि, ‘तुम मुझे यूं भुला न पाओगे’ कार्यक्रम में गूंजे सदाबहार गीत
रफी साहब के गीत को गाते गायक कलाकार | Prabhat Khabar Network
महान पार्श्वगायक मोहम्मद रफ़ी को नागरिक प्रचारिणी सभागार में 'तुम मुझे यू भुला न पाओगे' कार्यक्रम के माध्यम से भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई. कलाकारों ने रफ़ी के सदाबहार गीतों के साथ-साथ आशा भोंसले, सुमन कल्याणपुर और किशोर कुमार के लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियां दीं.
Mohammed Rafi Tribute Arrah : नागरिक प्रचारिणी सभागार में महान पार्श्वगायक मोहम्मद रफी की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला संगीतमय कार्यक्रम 'तुम मुझे यू भुला न पाओगे' अत्यंत श्रद्धा, गरिमा और भावनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ.
इस अवसर पर कलाकारों ने मोहम्मद रफी के अमर गीतों की सुमधुर प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. साथ ही स्वर साम्राज्ञी आशा भोंसले, सुमन कल्याणपुर तथा किशोर कुमार के लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियों ने भी श्रोताओं को भावविभोर कर दिया.
दीप प्रज्वलन और शीर्षक गीत के साथ शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन संगीत शिक्षक धर्मेंद्र सिंह, संगीत प्रेमी इकबाल इल्मी, रमेश कुमार, कीर्ति लता एवं ऋषिका शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इसके पश्चात ऋषिका शर्मा ने शीर्षक गीत "तुम मुझे यू भुला न पाओगे" की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर कार्यक्रम का भावपूर्ण शुभारंभ किया.
सदाबहार गीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां
संगीत संध्या में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक सदाबहार गीतों की प्रस्तुति दी. राजाराम शर्मा ने "ये चांद सा रोशन चेहरा" तथा "तकदीर का फसाना" प्रस्तुत कर समा बांधा. धर्मेंद्र सिंह एवं ऋषिका शर्मा ने "पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा" से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया सीमा भारती ने "बहारों फूल बरसाओ" की प्रस्तुति से खूब वाहवाही लूटी. कुमार अनुपम ने "दिल का सूना साज" तथा "मुझे इश्क है तुझी से" गाकर भावनाओं को छू लिया.
धर्मेंद्र सिंह एवं कीर्ति लता ने "अगर तेरी जलवा-नुमाई न होती" प्रस्तुत किया. रमेश कुमार ने "याद न जाए बीते दिनों की" तथा कीर्ति लता ने "एहसान तेरा होगा मुझ पर" से श्रोताओं को भावुक कर दिया.
गीतों का सिलसिला और श्रोताओं की वाहवाही
मोहम्मद नौशाद ने "क्या हुआ तेरा वादा", अजय सिंह एवं आस्था सिंह ने "रिमझिम के गीत सावन के" तथा धर्मेंद्र सिंह ने "न फनकार तुझ-सा तेरे बाद आया" प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं.
आगे धर्मेंद्र सिंह एवं सीमा भारती ने "बेखुदी में सनम", कीर्ति लता ने "दो लफ्जों की है", तथा शमशाद प्रेम एवं रमेश कुमार ने "बने चाहे दुश्मन जमाना हमारा" की प्रस्तुति दी. अंत में रमेश कुमार एवं कीर्ति लता ने "छुप गए सारे नजारे" गाकर कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया.
देशभक्ति गीत और सफल समापन
कार्यक्रम का समापन मोहम्मद शमशाद, धर्मेंद्र सिंह एवं सीमा भारती द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीत "मेरे देश प्रेमियों" की ओजस्वी प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने पूरे सभागार को देशभक्ति के रंग में रंग दिया. मंच संचालन रेड क्रॉस सोसाइटी की सचिव डॉ. विभा कुमारी ने प्रभावशाली ढंग से किया.
अंत में शमशाद प्रेम ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी कलाकारों, अतिथियों एवं संगीत प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर शहर के अनेक साहित्यकार, संगीत प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. कार्यक्रम ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि मोहम्मद रफी और हिंदी फिल्म संगीत का स्वर्णिम युग आज भी श्रोताओं के दिलों में अमर है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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