आरा में सात जगहों की नीलामी, 20 से अधिक स्थानों पर सैरात वसूली का आरोप, निर्धारित दर से डेढ़ से दो गुना वसूली का दावा
आरा नगर निगम फाइल फोटो
Arrah Sairat Collection : आरा नगर निगम में सैरात वसूली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. सात जगहों की नीलामी के बावजूद 20 से अधिक स्थानों पर अवैध वसूली का आरोप है. यह भी शिकायत है कि निर्धारित दर से डेढ़ से दोगुना तक राशि वसूली जा रही है.
Arrah Sairat Collection : आरा नगर निगम क्षेत्र में सैरात वसूली को लेकर सवाल उठने लगे हैं. निगम की ओर से सात स्थानों पर सैरात वसूली के लिए नीलामी किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन आरोप है कि धरातल पर 20 से अधिक जगहों से राशि वसूली जा रही है. इतना ही नहीं, निर्धारित दर से डेढ़ से दो गुना तक राशि लेने और एक ही वाहन से दिन में कई बार वसूली किए जाने की शिकायत भी सामने आई है.
सात जगहों के लिए हुई है सैरात की नीलामी
आरा नगर निगम की ओर से निगम क्षेत्र के सात स्थानों पर सैरात वसूली के लिए नीलामी की गई है. इन सैरातों की एक वर्ष के लिए नीलामी किए जाने की जानकारी दी गई है. हालांकि, आरोप है कि निर्धारित सात स्थानों के अलावा 20 से अधिक जगहों पर भी सैरात के नाम पर राशि वसूली जा रही है.
20 से अधिक जगहों पर वसूली का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सैरात वसूली निर्धारित स्थानों तक सीमित नहीं है. शहर के कई अन्य स्थानों पर भी वाहन चालकों से राशि ली जा रही है. इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आरोप यह भी है कि इस व्यवस्था से ठेकेदारों को फायदा हो रहा है, जबकि नगर निगम प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है.
निर्धारित दर से अधिक राशि लेने की शिकायत
शिकायत के अनुसार, नगर निगम द्वारा निर्धारित राशि के बजाय कई जगहों पर उससे डेढ़ से दो गुना तक अधिक वसूली की जा रही है. विरोध करने पर वाहन चालकों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किए जाने की बात भी सामने आई है. इससे लोगों में नाराजगी बढ़ने का दावा किया जा रहा है.
एक दिन में कई बार वसूली का भी आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, सैरात की राशि प्रतिदिन के हिसाब से निर्धारित की गई है. इसके बावजूद एक ही वाहन के दिन में दोबारा आने-जाने पर प्रत्येक बार राशि वसूले जाने की शिकायत है. वाहन चालकों का कहना है कि इससे निर्धारित शुल्क से कहीं अधिक रकम उन्हें देनी पड़ रही है.
तीन-तीन महीने परवाना बढ़ाने का प्रावधान
नगर निगम की ओर से सभी सात सैरातों की एक वर्ष के लिए नीलामी की गई है. प्रावधान के अनुसार, निर्धारित राशि को तीन-तीन महीने के अंतराल पर जमा करने पर अगले तीन महीने के लिए परवाना बढ़ाया जाना है. 1 अप्रैल से 30 जून तक की अवधि के लिए राशि जमा करने के बाद अगले तीन महीने के लिए राशि जमा करने पर परवाना बढ़ाने का प्रावधान बताया गया है.
जुलाई से सितंबर तक परवाना दिए जाने की जानकारी
इस मामले में नगर निगम के अपर नगर आयुक्त से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी. इसके बाद संबंधित डीलिंग असिस्टेंट से जानकारी ली गई. उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से सितंबर तक के लिए परवाना दिया गया है.
इन स्थानों पर सैरात वसूली की अनुमति
नगर निगम की ओर से जिन स्थानों पर सैरात वसूली के लिए नीलामी की गई है, उनमें बिहारी मिल टेंपो स्टैंड के पास पेट्रोल पंप, स्टेशन के पास टेंपो स्टैंड, सिविल कोर्ट के सामने वीर कुंवर सिंह रमना मैदान परिसर का खाली भूखंड, अनुसचिवीय कर्मचारी आवास परिसर स्थित साइकिल स्टैंड, महाराजा कॉलेज गेट के पास टैक्सी स्टैंड, सरदार पटेल मुख्य बस पड़ाव और गांगी पुल बस पड़ाव शामिल हैं.
अलग-अलग वाहनों के लिए निर्धारित है शुल्क
बिहारी मिल और स्टेशन के पास टेंपो स्टैंड पर प्रति टेंपो प्रतिदिन 15 रुपये की दर निर्धारित है. वीर कुंवर सिंह रमना मैदान परिसर में साइकिल के लिए 5 रुपये और मोटरसाइकिल के लिए 10 रुपये प्रतिदिन की दर बताई गई है. अनुसचिवीय कर्मचारी आवास परिसर स्थित साइकिल स्टैंड पर भी प्रति साइकिल प्रतिदिन 5 रुपये शुल्क निर्धारित है.
टैक्सी और बसों के लिए अलग दर
महाराजा कॉलेज गेट के पास टैक्सी स्टैंड में प्रति टैक्सी प्रतिदिन 35 रुपये की दर है. सरदार पटेल मुख्य बस पड़ाव में बड़ी बस के लिए 60 रुपये, मिनी बस के लिए 40 रुपये और मैक्सी यात्री वाहन के लिए 35 रुपये प्रतिदिन की दर निर्धारित बताई गई है. यात्री वाहन जीप एवं अन्य छोटे वाहनों के लिए 25 रुपये और टेंपो के लिए 15 रुपये प्रतिदिन शुल्क है. मालवाहक ठेला और रिक्शा के लिए 5 रुपये प्रतिदिन की दर बताई गई है.
नगर निगम की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया जा रहा है कि निर्धारित स्थानों से अधिक जगहों पर वसूली की जानकारी होने के बावजूद नगर निगम की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है. कुछ लोगों ने इसे निगम और वसूली करने वालों के बीच कथित मिलीभगत से जोड़कर सवाल उठाए हैं. हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
वाहन चालकों को कार्रवाई का इंतजार
सैरात वसूली में निर्धारित दर से अधिक राशि लेने और अतिरिक्त स्थानों पर वसूली के आरोपों के बीच वाहन चालक और स्थानीय लोग नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं. अब देखना होगा कि निगम प्रशासन इन शिकायतों की जांच कराता है या नहीं और यदि अनियमितता मिलती है तो संबंधित लोगों पर क्या कार्रवाई होती है.
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