भोजपुर : बड़हरा के 120 साल पुराने मंदिर में 9 दिवसीय भागवत कथा, गंगा कटाव रोकने से जुड़ी है मान्यता

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कथा वाचन करतीं साध्वी | Prabhat Khabar Network

भोजपुर जिले के एकौना गांव में 120 वर्ष पुराने प्राचीन मंदिर परिसर में नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन हो रहा है. देश-विदेश से प्रसिद्ध कथावाचक कथा का वाचन कर रहे हैं, जिससे भक्तिमय माहौल बना हुआ है. जानिए इस ऐतिहासिक मंदिर और कथा के बारे में.

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भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड क्षेत्र के एकौना गांव स्थित करीब 120 वर्ष पुराने प्राचीन मंदिर परिसर में नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है. कथा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान की लीलाओं और श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का श्रवण कर रहे हैं, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भी भक्तिमय माहौल बना हुआ है.

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प्रसिद्ध कथावाचकों द्वारा कथा का वाचन

दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक आयोजित होने वाली इस कथा का वाचन साध्वी देवी शिवांगी किशोरी, अंतरराष्ट्रीय कथावाचक किशोरी दीपिका आनंद सहित अन्य कथा वक्ताओं द्वारा किया जा रहा है.

कथा वाचकों द्वारा श्रीमद्भागवत के प्रसंगों को भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को धर्म और अध्यात्म से जुड़ी बातों की जानकारी दी जा रही है.

दूर-दराज से पहुंच रहे हैं श्रद्धालु

श्रीमद्भागवत कथा सुनने के लिए एकौना गांव के अलावा आसपास के गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंच रहे हैं.

कथा शुरू होने से पहले ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगती है, और लोग भजन-कीर्तन के दौरान भक्तिभाव में लीन होकर धार्मिक आयोजन में भाग ले रहे हैं.

साधु के तपोबल से जुड़ा मंदिर का इतिहास

ग्रामीणों के अनुसार, एकौना गांव का यह प्राचीन मंदिर करीब 120 वर्ष पुराना है और मान्यता है कि वर्षों पहले गंगा नदी के उग्र कटाव के दौरान एक साधु ने अपनी साधना व तपोबल से कटाव रोककर इस मंदिर की स्थापना की थी.

ग्रामीण बताते हैं कि वे महान आयुर्वेदाचार्य भी थे जो अपनी साधना और चिकित्सा से जनकल्याण करते थे.

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आस्था का प्रमुख केंद्र बना मंदिर

समय बीतने के साथ इस प्राचीन मंदिर के प्रति ग्रामीणों की आस्था और मजबूत हुई है तथा आज यह श्रद्धा का प्रमुख केंद्र माना जाता है. इस नौ दिवसीय भागवत कथा के आयोजन और इसकी सफलता में ग्रामीण बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है.


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