शाहपुर प्रखंड प्रमुख गीता देवी का छीन गया ताज, वोटिंग के दौरान सदन में नहीं थीं प्रमुख

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प्रमुख के विरोध में लाया गया अविश्वास प्रस्ताव 18 मतों से हुआ पारित

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शाहपुर.

गुरुवार को शाहपुर प्रखंड प्रमुख गीता देवी के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव पारिसत होते ही उनका ताज छीन गया और उनकी कुर्सी छीन गयी. सदन में बिश्वास मत हासिल करने में प्रखंड प्रमुख नाकाम रहीं. प्रमुख ने अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने तक का साहस नहीं जुटा पायीं. प्रमुख व उनके समर्थक सदन से अनुपस्थित रहे. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रखंड परिसर स्थित सभागार भवन में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पंचायत समिति सदस्य सदन में पहुंचे. इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा पर्यवेक्षीय पदाधिकारी एडीएम मोना झा को प्रतिनियुक्त किया गया था. उन्होंने पंचायती राज अधिनियम के तहत अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मत विभाजन का कार्यक्रम शुरू कराया. मत विभाजन के दौरान सदन में कुल 18 पंचायत समिति सदस्य उपस्थित रहे. उपस्थित सभी पंचायत समिति सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया गया. इसके बाद प्रमुख पर लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया. पूरी कार्यवाही की वीडियो रिकार्डिंग करायी गयी. प्राप्त जानकारी के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए निर्धारित समयावधि में 26 पंचायत समिति सदस्यों में से 18 सदस्य ही सदन में उपस्थित रहे. अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद सदन से जैसे ही पंचायत समिति सदस्य बाहर निकले उन्होंने अपने खुशी का इजहार किया. उसके बाद सदस्यों द्वारा आपस में एक दूसरे को बधाइयां दी गयी. इधर जिला परिषद सदस्य पंडित गंगाधर पांडे ने प्रमुख पर लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को बहुमत से पारित करने वाले पंचायत समिति सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया है.

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डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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