कोसी बराज पर रील बनाने गया युवक, तेज बहाव में गिरा, 8 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग
फोटो- मृतक के घर पर जुटे लोग
रील बनाने के चक्कर में एक युवक की जान पर बन आई. कोसी बराज के तेज बहाव में बह जाने के बाद 8 दिन बीत चुके हैं, लेकिन संजीत का कोई सुराग नहीं मिला है. परिवार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा है.
अररिया, नरपतगंज. फुलकाहा थाना क्षेत्र के अंचरा गांव से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है. अंचरा वार्ड संख्या 7 निवासी अरुण शर्मा के 28 वर्षीय पुत्र संजीत शर्मा 16 अगस्त की रात सुपौल जिले के भीमनगर स्थित कोसी बराज के फाटक संख्या 12 के समीप रील बनाने के दौरान नदी में डूब गए थे. हादसे के आठ दिन बीत जाने के बाद भी संजीत का कोई सुराग नहीं मिल पाया है. परिजन लगातार अपने स्तर से युवक की तलाश और प्रशासनिक मदद की उम्मीद लगाए हुए हैं.
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रील बनाने के दौरान बिगड़ा संतुलन, तेज धार में समा गया युवक
मिली जानकारी के अनुसार संजीत शर्मा 16 अगस्त की रात भीमनगर स्थित कोसी बराज पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि फाटक संख्या 12 के समीप नदी के किनारे रील बनाने के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया. इसके बाद वह तेज बहाव वाली कोसी नदी में गिर गए. रात का समय होने और नदी में तेज धार होने के कारण मौके पर मौजूद लोगों के लिए तत्काल उन्हें बचाना मुश्किल हो गया.
घटना की जानकारी मिलने के बाद युवक की तलाश शुरू की गई, लेकिन लगातार प्रयास के बावजूद अब तक संजीत का पता नहीं चल सका है. आठ दिन गुजर जाने के बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से परिवार के लोगों की बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है.
आठ दिन से घर में पसरा है मातम, हर खबर पर टिकी परिजनों की नजर
संजीत के नदी में लापता होने के बाद से अंचरा स्थित उनके घर में परिजन सदमे में हैं. परिवार के लोगों को अब भी उम्मीद है कि संजीत का कहीं से कोई सुराग मिल सकता है. परिजन लगातार प्रशासन और संबंधित विभागों से युवक की तलाश में प्रभावी पहल करने की मांग कर रहे हैं.
परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहतर नहीं बताई जा रही है. ऐसे में लंबे समय तक चल रही तलाश और घटना से उत्पन्न परेशानी ने परिजनों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. घरवालों को संजीत के सुरक्षित मिलने की उम्मीद है और वे प्रशासन से अभियान को और तेज करने की मांग कर रहे हैं.
पूर्व राजद जिलाध्यक्ष पहुंचे घर, परिजनों को दिया हर संभव मदद का भरोसा
घटना की जानकारी मिलने के बाद राजद के पूर्व जिलाध्यक्ष मनीष यादव अंचरा स्थित संजीत शर्मा के घर पहुंचे. उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उन्हें ढांढस बंधाया. इस दौरान उन्होंने परिवार की स्थिति को बेहद दयनीय बताते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया.
मनीष यादव ने कहा कि संजीत के परिवार की स्थिति काफी खराब है और ऐसे समय में प्रशासनिक स्तर पर हर संभव सहयोग मिलना जरूरी है. उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से बातचीत की गई है.
भीमनगर के साथ नेपाल कनेक्शन की भी जताई गई संभावना
मनीष यादव के अनुसार अधिकारियों से हुई बातचीत में यह जानकारी सामने आई है कि मामला केवल सुपौल जिले के भीमनगर थाना क्षेत्र तक सीमित नहीं हो सकता. घटना की परिस्थितियों को देखते हुए नेपाल के भारदह थाना क्षेत्र से भी इसका संबंध हो सकता है. ऐसे में दोनों स्थानों पर आवेदन देकर युवक की तलाश और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए पहल करना जरूरी है.उन्होंने कहा कि संबंधित दोनों क्षेत्रों के प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय बनाकर तलाश अभियान चलाया जाए तो संजीत के संबंध में कोई सुराग मिलने की संभावना बढ़ सकती है. उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले में आवश्यक स्तर पर पहल करने के साथ वह परिवार की मदद के लिए आगे भी प्रयास करते रहेंगे.
प्रशासन से तेज तलाश अभियान चलाने की मांग
संजीत के लापता होने के आठ दिन बाद भी सुराग नहीं मिलने से परिजन प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं. परिवार की मांग है कि नदी के संभावित बहाव क्षेत्र और आसपास के इलाकों में तलाश अभियान को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जाए. साथ ही सुपौल और नेपाल के संबंधित थाना क्षेत्रों के बीच समन्वय स्थापित कर मामले में जरूरी कार्रवाई की जाए.
घटना ने एक बार फिर नदी और जलाशयों के किनारे रील बनाने या फोटो-वीडियो के दौरान बरती जाने वाली सावधानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. तेज बहाव वाली नदी के किनारे थोड़ी सी असावधानी भी जानलेवा साबित हो सकती है. संजीत के परिवार के लिए अब सबसे बड़ी चिंता यही है कि आठ दिन बाद भी उनका बेटा कहां है और उसका क्या हुआ.
अब हर गुजरते दिन के साथ बढ़ रही परिवार की चिंता
संजीत शर्मा के लापता होने के बाद परिवार लगातार उम्मीद और चिंता के बीच है. आठ दिन बीत जाने के बावजूद युवक की जानकारी नहीं मिलने से परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है. परिवार चाहता है कि प्रशासनिक स्तर पर तलाश को प्राथमिकता दी जाए और सुपौल के भीमनगर से लेकर संभावित अन्य क्षेत्रों तक खोज अभियान चलाया जाए. परिजनों और ग्रामीणों की निगाह अब प्रशासन की अगली कार्रवाई और संजीत के संबंध में मिलने वाले किसी भी सुराग पर टिकी हुई है.
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