बरजान नदी पर पुल नहीं बनने से ग्रामीण परेशान, तीन किमी की दूरी दस किमी तय करने को मजबूर

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फोटो- नया टोला सिकटिया के बरजान नदी में बना बांस का चचरी पुल | Prabhat Khabar Network

अररिया के सिकटिया के ग्रामीण बरजान नदी पर पुल निर्माण के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं. बरसात में नदी पार करना जानलेवा हो जाता है, जिससे 3 किमी की दूरी 10 किमी हो जाती है. स्थानीय लोग डीएम से तत्काल पुल बनाने की मांग कर रहे हैं.

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अररिया, कुर्साकांटा. कुर्साकांटा प्रखंड की ग्राम पंचायत सिकटिया के नया टोला सिकटिया के निकट बरजान नदी पर पुल निर्माण की मांग दशकों पुरानी है. ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर वरीय पदाधिकारियों तक कई बार गुहार लगायी गयी, लेकिन अब तक धरातल पर कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है. हर बार आश्वासन मिलने के बावजूद पुल का निर्माण नहीं होने से बरसात के दिनों में ग्रामीणों की परेशानी बढ़ जाती है.

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सूखे मौसम में चचरी के सहारे होता है आवागमन

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात नहीं होने पर किसी तरह जान जोखिम में डालकर बांस की चचरी के सहारे बरजान नदी को पार कर लोग आवागमन करते हैं. चचरी पुल भी सुरक्षित नहीं होने के कारण लोगों को हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है. इसके बावजूद रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए ग्रामीण इसी अस्थायी रास्ते का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं.

बरसात में तीन किलोमीटर की दूरी हो जाती है दस किलोमीटर

ग्रामीणों के अनुसार नया टोला सिकटिया से सोनामनी गोदाम की दूरी महज करीब तीन किलोमीटर है. लेकिन बरसात के दिनों में बरजान नदी में पानी बढ़ जाने के बाद सीधे रास्ते से आवागमन बंद हो जाता है. ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को बटराहा पगडेरा के रास्ते करीब दस किलोमीटर की दूरी तय कर सोनामनी गोदाम पहुंचना पड़ता है. इससे ग्रामीणों का समय और श्रम दोनों अधिक खर्च होता है.

स्कूली छात्रों को सबसे अधिक परेशानी

बरजान नदी पर पुल नहीं होने का सबसे अधिक असर स्कूली छात्र-छात्राओं पर पड़ता है. बरसात के मौसम में नदी में पानी बढ़ने के बाद बच्चों को लंबा रास्ता तय कर स्कूल जाना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार आवागमन की कठिनाई के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है. पुल बन जाने से आसपास के गांवों के लोगों को भी आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी.

वर्षों से मिल रहा सिर्फ आश्वासन

ग्रामीणों ने बताया कि पुल निर्माण की मांग को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार संपर्क किया गया. सभी स्तरों से पुल निर्माण कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. ग्रामीणों का कहना है कि दशकों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान अब जरूरी है.

डीएम से अविलंब पुल निर्माण की मांग

ग्रामीणों में शामिल मो समीम, कुर्बान अंसारी, मो शाहजहां, मो इलियास, संजय पंडित, सूरज कुमार, रोहित भगत, मोती पासवान, सत्यनारायण यादव, अजात शत्रु समेत दर्जनों लोगों ने जिला पदाधिकारी से बरजान नदी पर अविलंब पुल निर्माण कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने से सिकटिया सहित आसपास के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी और बरसात के दिनों में अतिरिक्त दूरी तय करने की मजबूरी भी खत्म होगी.

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