पलासी में एसबीआई ग्राम सेवा के तहत 50 बालिकाओं को मिली साइकिल, शिक्षा की राह होगी आसान
एसबीआई मैना शाखा द्वारा साइकिल वितरण करते हुए | Prabhat Khabar Network
अररिया जिले के पलासी प्रखंड में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एसबीआई ग्राम सेवा परियोजना के तहत 50 जरूरतमंद बालिकाओं को साइकिलें वितरित की गईं. इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा प्रदान कर उनकी शिक्षा को बढ़ावा देना है. इससे ग्रामीण बालिकाओं की शिक्षा में आ रही दूरी की बाधा दूर होगी और वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगी.
अररिया जिले के पलासी प्रखंड में 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर ग्रामीण बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय पहल की गई. एसबीआई ग्राम सेवा परियोजना के अंतर्गत प्रखंड की 50 जरूरतमंद बालिकाओं के बीच साइकिल का वितरण किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुगम सुविधा उपलब्ध कराना और उन्हें नियमित रूप से उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है.
बैंक प्रबंधक और मुखिया प्रतिनिधि ने संयुक्त रूप से बांटी साइकिलें
पलासी में आयोजित इस वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद स्थानीय मैना बैंक के शाखा प्रबंधक निलेश कुमार और मुखिया प्रतिनिधि जमशेद आलम ने संयुक्त रूप से छात्राओं को साइकिलें प्रदान कीं.
साइकिल हाथ में आते ही बालिकाओं के चेहरों पर खुशी, उत्साह और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था. अतिथियों ने छात्राओं को मन लगाकर पढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया.
भारतीय जन उत्थान परिषद द्वारा हो रहा परियोजना का संचालन
इस कल्याणकारी कार्यक्रम का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन 'भारतीय जन उत्थान परिषद' (बीजयूपी) द्वारा किया जा रहा है.
परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने संस्था के दृष्टिकोण और आगामी लक्ष्यों को साझा किया:
- शत-प्रतिशत शिक्षा का लक्ष्य: परियोजना प्रबंधक किशन मिंज और परियोजना समन्वयक दिनेश प्रभाकर ने बताया कि ग्राम सेवा परियोजना का मुख्य ध्येय चयनित गांवों की 100 प्रतिशत बालिकाओं को शिक्षित और सशक्त बनाना है.
- दूरी की बाधा होगी दूर: उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर दूरी और परिवहन के साधनों की कमी के कारण लड़कियां स्कूल छोड़ देती हैं. साइकिल मिलने से स्कूल पहुंचने में आने वाली यह सबसे बड़ी दिक्कत दूर हो सकेगी.
- आत्मनिर्भरता की नींव: शिक्षा केवल साक्षर बनने का जरिया नहीं है, बल्कि यह बेटियों के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव है.

ग्रामीणों और अभिभावकों ने पहल की सराहना की
समारोह में उपस्थित ग्रामीणों और गणमान्य अतिथियों ने एसबीआई ग्राम सेवा परियोजना और बीजयूपी की इस पहल का स्वागत किया. ग्रामीणों का कहना था कि साइकिल मिलने से बच्चियों का समय और श्रम दोनों बचेगा, जिससे वे बिना किसी परेशानी के नियमित रूप से विद्यालय जा सकेंगी.
ग्राम सेवा परियोजना का यह संकल्प है कि समाज की हर बेटी स्कूल पहुंचे, पढ़े-लिखे और अपने उज्ज्वल भविष्य के सपनों को साकार करे.
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By Prabhat Khabar News Desk
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