ओलंपिक जैसा दर्जा क्यों नहीं मिला कॉमनवेल्थ गेम्स को? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप

कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलपिंक गेम्स का लोगो (एक्स)
Commonwealth Games Olympic qualification: क्या कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने से ओलंपिक में सीधे प्रवेश मिल सकता है? यह लेख बताता है कि कैसे कुछ खेलों में प्रदर्शन आपकी वर्ल्ड रैंकिंग सुधार सकता है और करियर के नए अवसर खोल सकता है.
Commonwealth Games Olympic qualification: कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के लिए यह सिर्फ पदक जीतने का मंच नहीं होता, बल्कि कई एथलीट इसे अपने करियर को आगे बढ़ाने के अवसर के रूप में भी देखते हैं. हालांकि, सवाल यह है कि क्या कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन किसी खिलाड़ी की वर्ल्ड रैंकिंग सुधार सकता है और क्या इससे ओलंपिक में जगह बनाने में मदद मिल सकती है? इसका जवाब पूरी तरह खेल और संबंधित अंतरराष्ट्रीय महासंघ के नियमों पर निर्भर करता है. कॉमनवेल्थ गेम्स के जरिए किसी भी खिलाड़ी को सीधे ओलंपिक में प्रवेश नहीं मिलता. हालांकि, कुछ खेलों में इन खेलों का प्रदर्शन वर्ल्ड रैंकिंग प्रणाली में शामिल किया जाता है. बेहतर रैंकिंग से खिलाड़ियों को भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चयन का फायदा मिल सकता है और उनकी ओलंपिक दावेदारी मजबूत हो सकती है.
हर खेल में नहीं मिलते रैंकिंग पॉइंट्स
कॉमनवेल्थ गेम्स में केवल कुछ चुनिंदा देश ही हिस्सा लेते हैं, इसलिए कई खेल महासंघ इसे वैश्विक स्तर की पूरी प्रतिस्पर्धा नहीं मानते. उनका तर्क है कि दुनिया के सभी देशों के खिलाड़ी इसमें शामिल नहीं होते, जिससे रैंकिंग के लिए यह पूरी तरह समान अवसर वाला टूर्नामेंट नहीं बनता. इसी वजह से कई अंतरराष्ट्रीय संगठन कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रदर्शन को वर्ल्ड रैंकिंग में शामिल नहीं करते. उदाहरण के तौर पर, साइक्लिंग की अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल साइकिलिंग यूनियन (UCI) कॉमनवेल्थ गेम्स को क्षेत्रीय स्तर की प्रतियोगिता मानती है और इसके प्रदर्शन को वैश्विक रैंकिंग पॉइंट्स के लिए मान्यता नहीं देती.
किन खेलों में मिलेगा फायदा?
ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर अलग-अलग खेल महासंघों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ संस्थाएं कॉमनवेल्थ प्रदर्शन को रैंकिंग में महत्व देती हैं. इन खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों या टीमों को रैंकिंग में लाभ मिल सकता है.
इनमें शामिल हैं:
- वर्ल्ड एथलेटिक्स
- फीबा (FIBA)
- वर्ल्ड बाउल्स
- वर्ल्ड नेटबॉल
- वर्ल्ड एक्वाटिक्स (World Aquatics)
किन खेलों में नहीं मिलेगा रैंकिंग लाभ?
कुछ प्रमुख खेल संगठनों ने साफ किया है कि कॉमनवेल्थ गेम्स का प्रदर्शन उनकी वर्ल्ड रैंकिंग प्रणाली में शामिल नहीं होगा. वहीं, अंतरराष्ट्रीय जूडो महासंघ (IJF) और अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग महासंघ (IWF) की ओर से इस संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं थी.
इनमें शामिल हैं:
- वर्ल्ड बॉक्सिंग
- इंटरनेशनल जिम्नास्टिक फेडरेशन
- इंटरनेशनल साइकिलिंग यूनियन (UCI)
कॉमनवेल्थ गेम्स: करियर बनाने का बड़ा मंच
भले ही कॉमनवेल्थ गेम्स सीधे ओलंपिक क्वालिफिकेशन का माध्यम नहीं हैं, लेकिन यहां शानदार प्रदर्शन खिलाड़ियों के लिए कई दरवाजे खोल सकता है. कई उभरते खिलाड़ी बड़े मंच पर प्रदर्शन करके अपनी बाजार क्षमता और करियर संभावनाएं मजबूत करते हैं.
बेहतर प्रदर्शन से:
- राष्ट्रीय टीम में चयन की संभावना बढ़ सकती है,
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है,
- मीडिया कवरेज बढ़ सकता है,
- ब्रांड और स्पॉन्सरशिप के अवसर मिल सकते हैं.
इसे भी पढ़े- CWG 2026: खिलाड़ी मेहनत करते हैं, मेडल जीतते हैं… फिर भी आयोजकों से एक रुपया नहीं मिलता, जानिए क्यों
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By ऋतु राज
ऋतुराज प्रभात खबर डिजिटल में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं. लीची की नगरी मुजफ्फरपुर (बिहार) से ताल्लुक रखने वाले ऋतुराज के पास डिजिटल खेल पत्रकारिता में 1 साल का गहरा अनुभव है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से साल 2025 में मीडिया रिसर्च में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. खेल की हर छोटी-बड़ी और वायरल होती खबरों पर पैनी नजर रखना उनकी खासियत है. उनका मुख्य लक्ष्य प्रभात खबर के पाठकों तक खेल जगत की हर सटीक और विश्लेषण से भरी खबर सबसे पहले पहुंचाना है. पढ़ने और क्रिकेट खेलने के शौकीन ऋतुराज खेल को सिर्फ कवर नहीं करते, बल्कि उसकी बारीकियों को जीते हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










