ePaper

Tokyo Olympics: गोल्ड जीतने के लिए नीरज चोपड़ा ने मोबाइल से भी बना ली थी दूरी, दो साल सोशल मीडिया से रहे दूर

Updated at : 08 Aug 2021 7:02 AM (IST)
विज्ञापन
Tokyo Olympics: गोल्ड जीतने के लिए नीरज चोपड़ा ने मोबाइल से भी बना ली थी दूरी, दो साल सोशल मीडिया से रहे दूर

टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) में 125 साल में भारत को एथलेटिक्स में पहला पदक दिलाने वाले नीरज चोपड़ा (Gold Medalist Neeraj Chopra) ने इसके लिए जी तोड़ मेहनत की थी. गोल्ड जीतने के लिए नीरज दो साल मोबाइल से भी दूर रहे थें.

विज्ञापन

Tokyo Olympics 2020: नीरज चोपड़ा (Gold Medalist Neeraj Chopra) ने तोक्यो ओलिंपिक में शनिवार को भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत कर इतिहास रच दिया है. नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर भाला फेंका, जो स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए निर्णायक साबित हुआ. तोक्यो में भारत का यह अंतिम इवेंट था. यह ओलिंपिक एथलेटिक्स में भारत का पहला स्वर्ण पदक है. इस ऐतिहासिक जीत के बाद नीरज चोपड़ा से प्रभात खबर के सुनील कुमार ने विशेष बातचीत की. पेश है खास अंश.

  • नीरज जी, आपको इस ऐतिहासिक जीत के लिए बहुत-बहुत बधाई.

धन्यवाद.

  • इस जीत को लेकर आप कितने आश्वस्त थे?

जीत को लेकर मैं आश्वस्त जरूर था, लेकिन जर्मनी के योहानेस वेटर को लेकर मैं थोड़ा आशंकित भी था. वेटर का पर्सनल बेस्ट 97.76 मीटर जेवलिन थ्रो करने का है.

  • आपने दूसरे ही प्रयास में बड़ी बढ़त ले ली थी, उसके बाद भी?

जी, मैंने दूसरे प्रयास में ही 87.58 मीटर जेवलिन फेंका, मगर इसके बाद सभी की निगाहें वेटर की ओर थीं, लेकिन वह पहले प्रयास (82.52 मीटर) को छोड़ कर बाकी दो प्रयासों में फाउल हो गये. इसके बाद मैं अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हो गया.

Also Read: Tokyo Olympic के GOLD मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा पर पैसों की बरसात; हरियाणा पंजाब मणिपुर सरकार और BCCI ने खोला खजाना

  • अन्य किसी खिलाड़ी को भी आप अपना चैलेंज मान रहे थे?

जी हां, चेक गणराज्य के याकूब वादलेच (86.67) और वितेज्लाव वेसेली (85.44) से थोड़ी चुनौती मिली, लेकिन दोनों पीछे ही रहे.

  • इस मुकाम को हासिल करने के लिए कितनी कठिन मेहनत आपने की?

देखिए, पिछले दो सालों से मैं सोशल मीडिया से दूर रहा. यहां तक कि इन दो सालों में मैंने अपने पास फोन भी नहीं रखा. बाहर की दुनिया की खबरों से दूर रहा. मैंने पूरा फोकस तोक्योे ओलिंपिक की तैयारी पर किया. इसकी तैयारी मैंने विदेश में की. इसके लिए मैं भारत सरकार और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया को धन्यवाद देता हूं.

  • जेवलिन के प्रति रुचि कैसे जगी, कुछ बताना चाहेंगे?

देखिए, मैं पहले जिम जाता था. पास में ही स्टेडियम था. वहां टहलने जाया करता था. वहीं देखा कि कुछ बच्चे जेवलिन फेंक रहे हैं. यहीं से मुझे इसकी प्रेरणा मिली.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola