CWG 2026: ट्रिपल जंप में गोल्ड से 20 सेमी दूर रहे सेल्वा प्रभु, फूड पॉइजनिंग बनी वजह
भारतीय ट्रिपल जंप स्टार सेल्वा प्रभु (एक्स)
Selva Prabhu CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स में ट्रिपल जंप स्टार सेल्वा प्रभु ने फूड पॉइजनिंग के कारण गोल्ड मेडल चूकने का दर्द बयां किया. जानें पूरी कहानी.
Selva Prabhu CWG 2026: भारतीय ट्रिपल जंप स्टार सेल्वा प्रभु ने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक से चूकने का दर्द साझा किया है. कांस्य पदक जीतने वाले इस एथलीट ने दावा किया कि प्रतियोगिता से पहले हुई फूड पॉइजनिंग ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया, जिसकी वजह से वह गोल्ड मेडल की दौड़ से बाहर हो गए. पुरुषों की ट्रिपल जंप स्पर्धा में सेल्वा प्रभु ने 16.52 मीटर की छलांग लगाई और तीसरे स्थान पर रहे. भारत के प्रवीण चित्रवेल ने 16.58 मीटर के प्रयास के साथ रजत पदक जीता, जबकि स्कॉटलैंड के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
सेल्वा प्रभु ने बीमारी को लेकर क्या कहा
सेल्वा प्रभु ने कहा कि वह कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से उतरे थे, लेकिन बीमारी ने उनकी राह मुश्किल कर दी. उन्होंने कहा,
"मैं चाहता था कि मुझे गोल्ड मिलना चाहिए था. मैं वास्तव में स्वर्ण पदक की उम्मीद कर रहा था, लेकिन प्रतियोगिता शुरू होने के समय बीमारी और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्या आ गई. इसका असर आखिरकार प्रदर्शन पर पड़ता है."
हालांकि, सेल्वा ने मानसिक मजबूती दिखाते हुए मुकाबला जारी रखा. उन्होंने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में भी उन्होंने खुद को पीछे नहीं हटने दिया और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की.
17 मीटर के पार जाते तो बदल जाता नतीजा
तमिलनाडु के इस एथलीट का मानना है कि अगर वह अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन कर पाते तो परिणाम अलग हो सकता था. उनका कहना है कि 17.05 मीटर के करीब छलांग लगाकर वह आसानी से स्वर्ण पदक जीत सकते थे
सेल्वा ने कहा,
"मुझे स्वस्थ रहना चाहिए था, लेकिन यह अगली प्रतियोगिता के लिए सीख है. मैं आगे भी प्रतिस्पर्धा करूंगा और अपनी फिटनेस पर ध्यान दूंगा." उन्होंने बताया कि अब उनका फोकस अपनी तकनीक में सुधार करने पर है. खासतौर पर वह अपने एप्रोच रन पर काम करना चाहते हैं, ताकि बड़े मुकाबलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें.
एशियन गेम्स से पहले फिटनेस पर फोकस
आगामी एशियन गेम्स को लेकर सेल्वा प्रभु ने कहा कि
वह एक समय में एक लक्ष्य पर ध्यान दे रहे हैं. उनका पहला उद्देश्य टीम में जगह बनाने के लिए क्वालीफाई करना है. उन्होंने कहा, "मैं हर दिन के प्रदर्शन पर ध्यान देता हूं. आप सिर्फ गोल्ड मेडल को लक्ष्य बनाकर नहीं चल सकते. पहले एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करना है और फिर आगे की तैयारी करनी है."
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने अभी तक जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम की घोषणा नहीं की है. सेल्वा प्रभु को उम्मीद है कि वह अपनी निरंतरता और प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह बनाने में सफल रहेंगे.
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By ऋतु राज
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