राष्ट्रीय खेल दिवस पर युवाओं से PM मोदी का संवाद, बोले- ‘जो खेलेगा, वही खिलेगा’, 2036 ओलंपिक के लिए बताया रोडमैप

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पीएम मोदी (फोटो—एक्स)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'खेलो इंडिया डायलॉग' में देशभर के युवा खिलाड़ियों से वर्चुअली जुड़कर उन्हें प्रोत्साहित किया. उन्होंने 2036 ओलंपिक की तैयारियों पर जोर दिया और कहा, 'जो खेलेगा, वो खिलेगा.'

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PM Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘खेलो इंडिया डायलॉग- खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ कार्यक्रम के तहत देशभर के युवा खिलाड़ियों और एथलीटों से वर्चुअली संवाद किया. राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा, ‘जो खेलेगा, वो खिलेगा.’ उन्होंने कहा कि खेल में सफलता सिर्फ मैदान पर जीत और पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि एक खिलाड़ी की उपलब्धि से उसके परिवार, स्कूल, कॉलेज, जिले और राज्य की पहचान भी मजबूत होती है. पीएम मोदी ने साथ ही 2036 ओलंपिक की तैयारी अभी से शुरू करने पर जोर दिया.

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1,500 से ज्यादा शिक्षण संस्थानों में आयोजित हुआ कार्यक्रम

खेलो इंडिया डायलॉग- खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ कार्यक्रम देशभर के 1,500 से अधिक शिक्षण संस्थानों में वर्चुअली आयोजित किया जा रहा है. इनमें आईआईटी, आईआईएम, एम्स, प्रमुख मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय शामिल हैं. इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से युवा खिलाड़ियों और एथलीटों ने पीएम मोदी के साथ संवाद किया.

2036 ओलंपिक के लिए अभी से खिलाड़ियों की पहचान पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि भारत को 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए अभी से खिलाड़ियों की पहचान और उन्हें तैयार करने पर काम करना होगा. उन्होंने कहा कि देश में 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों की खेल प्रतिभा पहचानने की जरूरत है. इसके लिए टैलेंट हब जैसे कार्यक्रमों को और मजबूत किया जाना चाहिए.

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर भारत को अपनी मेडल टैली बढ़ानी है तो केवल कुछ चुनिंदा खेलों पर निर्भर नहीं रह सकता. ओलंपिक में शामिल कई खेलों में भारत की भागीदारी अभी भी सीमित है. उन्होंने कहा कि जिन खेलों में दूसरे देश पदक जीतते हैं, उनमें भी भारत को अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करानी होगी. इसके लिए हर खेल में महारत हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है.

युवा खिलाड़ियों को ट्रेनिंग और सुविधाएं देने पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि देश में खेलों को लेकर समाज की सोच तेजी से बदल रही है. सरकार खिलाड़ियों के लिए बेहतर स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है. युवा खिलाड़ियों को उनकी जरूरत के मुताबिक ट्रेनिंग और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह पहचानना महत्वपूर्ण है कि कौन सा बच्चा किस खेल के लिए सबसे उपयुक्त है और उसकी प्रतिभा को उसी दिशा में आगे बढ़ाया जाए.

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खिलाड़ी की सफलता से बढ़ती है शहर और राज्य की पहचान

प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि किसी एथलीट की सफलता सिर्फ उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती. उसके प्रदर्शन से परिवार का गौरव बढ़ता है और स्कूल-कॉलेज की पहचान मजबूत होती है. साथ ही उसके जिले और राज्य को भी नई पहचान मिलती है. दुनिया कई बार किसी शहर या राज्य को उसके खिलाड़ियों के नाम से पहचानने लगती है.

मेजर ध्यानचंद को किया याद

राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को भी याद किया. उन्होंने भारत और न्यूजीलैंड के बीच 100 साल पुराने खेल संबंधों का उल्लेख करते हुए बताया कि करीब एक सदी पहले भारतीय सेना की हॉकी टीम ने न्यूजीलैंड का दौरा किया था, जिसमें मेजर ध्यानचंद भी शामिल थे.

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