आखिर ऑस्ट्रेलिया में आज भी क्रिकेट स्कोर उल्टा क्यों लिखा जाता है? जानें इस अनोखी परंपरा की वजह
स्कोरबोर्ड पर लिखा उल्टा स्कोर (फोटो—सोशल मीडिया)
क्या आपने कभी सोचा है कि ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट स्कोर 3-100 क्यों लिखा जाता है, जबकि बाकी दुनिया 100/3 का इस्तेमाल करती है? इस अनोखी परंपरा की शुरुआत 19वीं सदी के एक ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर नेड ग्रेगरी ने की थी. जानें इसका पूरा इतिहास.
Australia Cricket Score Tradition: क्रिकेट देखते समय आपने एक दिलचस्प अंतर जरूर नोटिस किया होगा. भारत, इंग्लैंड समेत दुनिया के ज्यादातर देशों में अगर किसी टीम ने 100 रन पर 3 विकेट गंवाए हैं, तो स्कोर 100/3 या 100-3 लिखा जाता है. लेकिन ऑस्ट्रेलिया में यही स्कोर अक्सर 3-100 दिखाई देता है. यानी वहां पहले विकेट और बाद में रन लिखे जाते हैं. आखिर ऐसा क्यों है? इसके पीछे किसी तकनीकी नियम का नहीं, बल्कि 19वीं सदी से चली आ रही एक पुरानी ऑस्ट्रेलियाई परंपरा का हाथ है. इस कहानी का सबसे अहम नाम है पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर नेड ग्रेगरी.
ऑस्ट्रेलिया में उल्टा स्कोर लिखने की शुरुआत कैसे हुई?
नेड ग्रेगरी ऑस्ट्रेलिया के शुरुआती दौर के क्रिकेटरों में शामिल थे. उन्होंने मार्च 1877 में मेलबर्न में खेले गए पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व किया था. हालांकि उनका टेस्ट करियर लंबा नहीं चला और वह केवल एक टेस्ट मैच ही खेल सके. बाद में ग्रेगरी ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) के क्यूरेटर के तौर पर काम किया. इसी दौरान उन्होंने मैदान पर इस्तेमाल होने वाले पुराने स्कोरबोर्ड के डिजाइन को बदलने का फैसला किया. उन्हें लगता था कि मौजूदा अंग्रेजी शैली का स्कोरबोर्ड दर्शकों को मैच की पर्याप्त जानकारी नहीं देता. उन्होंने एक बड़ा और ज्यादा जानकारी देने वाला स्कोरबोर्ड तैयार कराया. इसमें मैच से जुड़ी कई जानकारियां शामिल की गईं. इसी नए डिजाइन में टीम के स्कोर को दिखाने का तरीका भी बदला गया और पहले विकेट तथा उसके बाद रन लिखे जाने लगे.
आज भी क्यों दिखता है उल्टा ?
समय के साथ तकनीक बदल गई, स्कोरबोर्ड डिजिटल हो गए और क्रिकेट का प्रसारण पूरी तरह आधुनिक हो गया. लेकिन ऑस्ट्रेलिया में स्कोर लिखने की पुरानी शैली नहीं बदली. इसलिए आज भी इसी पूरानी तकनीक का यूज ऑस्ट्रेलिया में किया जाता है. यानी अगर ऑस्ट्रेलिया में किसी टेस्ट मैच के दौरान स्क्रीन पर 3-100 दिखाई दे, तो इसका मतलब 3 रन पर 100 विकेट नहीं है. इसका सीधा अर्थ है—100 रन, 3 विकेट के नुकसान पर.
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एक स्कोरबोर्ड से पूरे ऑस्ट्रेलिया में बन गई परंपरा
ग्रेगरी का डिजाइन दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुआ. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के दूसरे क्रिकेट मैदानों ने भी इसी तरह के स्कोरबोर्ड अपनाने शुरू कर दिए. धीरे-धीरे यह तरीका सिर्फ मैदानों तक सीमित नहीं रहा और रेडियो कमेंट्री, टेलीविजन प्रसारण तथा क्रिकेट कवरेज में भी इसका इस्तेमाल होने लगा. इस तरह नेड ग्रेगरी का स्कोरबोर्ड डिजाइन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की पहचान का हिस्सा बन गया.
SCG का ऐतिहासिक स्कोरबोर्ड
सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में ग्रेगरी के शुरुआती स्कोरबोर्ड के बाद कई बार स्कोरबोर्ड बदले गए, लेकिन विकेट पहले और रन बाद में दिखाने की परंपरा बरकरार रही. 1923 में बनाया गया एक प्रसिद्ध मैनुअल स्कोरबोर्ड करीब छह दशक तक SCG की पहचान बना रहा और 1983 तक इस्तेमाल होता रहा. इसे Robertson and Marks ने डिजाइन किया था. यह मैदान के पूर्वी छोर पर 'द हिल' के ऊपर स्थित था और उस पर क्रिकेट के कई महान खिलाड़ियों के नाम दर्ज हुए.
1983 में इसे इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड से बदल दिया गया. हालांकि ऐतिहासिक महत्व के कारण पुराने स्कोरबोर्ड को पूरी तरह नष्ट नहीं किया गया. उसे मैदान के Doug Walters Stand के पीछे सुरक्षित रखा गया.
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