FIFA World Cup 2026: VAR सिस्टम में हुआ बड़ा बदलाव, अब स्टेडियम से ही लिए जाएंगे फैसले
फीफा का VAR को लेकर बड़ा एक्शन
FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में VAR तकनीक को लेकर उठे विवादों के बाद फीफा ने एक बड़ा बदलाव किया है. अब VAR अधिकारी दूर स्थित सेंटर के बजाय सीधे मैच वाले स्टेडियम के अंदर ही मौजूद रहेंगे, जिससे फैसलों में तेजी और सटीकता आएगी.
FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) को लेकर उठे विवादों के बाद फीफा ने बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है. टूर्नामेंट के बाकी बचे मुकाबलों में VAR अधिकारियों के काम करने के तरीके में बदलाव किया जाएगा. अब VAR टीम स्टेडियम के अंदर से ही फैसलों में सहायता करेगी, जबकि इससे पहले कई अधिकारी दूर स्थित VAR सेंटर से मैच मॉनिटर कर रहे थे.
">FIFA have made a key change to VAR for rest of the World Cup after furious complaintshttps://t.co/hoxtWKy7DM pic.twitter.com/e8mXd4i0ea
— Mirror Football (@MirrorFootball) July 9, 2026
विवादित फैसलों के बाद फीफा का कदम
वर्ल्ड कप के नॉकआउट दौर में कुछ फैसलों को लेकर खिलाड़ियों, कोचों और टीमों ने नाराजगी जताई थी. खासतौर पर महत्वपूर्ण मौकों पर VAR के हस्तक्षेप और फैसलों की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे. इन शिकायतों के बाद FIFA ने पारदर्शिता और तेज निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए यह बदलाव किया है.
अब मैदान के करीब रहेंगे VAR अधिकारी
फुटबॉल मैचों में अब VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) को लेकर एक बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत VAR की पूरी टीम अब दूर स्थित किसी सेंटर के बजाय सीधे मैच वाले स्टेडियम के अंदर ही मौजूद रहेगी. फीफा का मानना है कि इस नई व्यवस्था से रेफरी और VAR टीम के बीच संवाद पहले से अधिक स्पष्ट और तेज हो सकेगा, जिससे फैसलों में सटीकता आएगी. इसके अलावा, खेल के दौरान अगर कोई तकनीकी समस्या सामने आती है, तो उसे मौके पर ही तुरंत सुलझाना आसान हो जाएगा. पहले के सेंट्रलाइज्ड सिस्टम में मैदान और VAR सेंटर के बीच संचार को लेकर जो चुनौतियां आ रही थीं, उन्हें दूर करने के उद्देश्य से ही यह निर्णय लिया गया है.
फीफा ने रेफरिंग पर जताया भरोसा
फीफा के चीफ रेफरिंग ऑफिसर पियरलुइगी कोलिना ने अधिकारियों के फैसलों का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि रेफरी स्वतंत्र रूप से फैसले लेते हैं और किसी भी बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होते. फीफा ने यह भी स्पष्ट किया कि VAR प्रणाली का उद्देश्य गलतियों को कम करना है, लेकिन अंतिम निर्णय मैदान पर मौजूद रेफरी के अधिकार क्षेत्र में रहता है.
VAR पहले भी कई बार बना विवाद का कारण
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में VAR से जुड़े कई फैसले चर्चा में रहे हैं. कुछ मुकाबलों में गोल रद्द होने, पेनल्टी फैसलों और ऑफसाइड कॉल को लेकर टीमों और प्रशंसकों ने सवाल उठाए. VAR तकनीक का उद्देश्य निष्पक्षता बढ़ाना है, लेकिन इसके इस्तेमाल के तरीके को लेकर बहस लगातार जारी है.
VAR के नए अधिकार और उनके मायने
अब VAR को पहले की तुलना में अधिक अधिकार दिए गए हैं, जिसके तहत वह खेल के दौरान कुछ अतिरिक्त और महत्वपूर्ण स्थितियों में भी रेफरी को हस्तक्षेप करने की सलाह दे सकता है. इसमें विशेष रूप से सेट-पीस (जैसे कॉर्नर या फ्री-किक) से पहले होने वाली स्पष्ट गलतियों और खिलाड़ियों को कार्ड देने या मैच से बाहर करने जैसे अनुशासनात्मक फैसलों को शामिल किया गया है. इन बदलावों के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि मैच के महत्वपूर्ण पलों में रेफरी से कोई बड़ी चूक न हो और खेल के नतीजों पर गलत फैसलों का प्रभाव न पड़े.
VAR में बदलाव का मुख्य उद्देश्य
फीफा का लक्ष्य है कि तकनीक का इस्तेमाल खेल को अधिक निष्पक्ष और तेज बनाने के लिए हो। VAR व्यवस्था में यह बदलाव खासतौर पर इसलिए किया गया है ताकि बड़े मुकाबलों में फैसलों को लेकर विवाद कम हों और खिलाड़ियों व प्रशंसकों का भरोसा बना रहे.
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