Devdutt Padikkal: टेस्ट टीम में वापसी पर बोले पडिक्कल, कहा-‘मौका आसानी से नहीं मिलता, खुद को तैयार रखना जरूरी था’
देवदत्त पडिक्कल (फोटो—BCCI)
देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से टीम में वापसी को लेकर खुलकर बात की है. उन्होंने बताया कि टेस्ट क्रिकेट में मौका पाना कितना मुश्किल होता है और कैसे उन्होंने अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया.
Devdutt Padikkal Test Comeback: भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से टेस्ट टीम में वापसी को लेकर खुलकर बात की है. पडिक्कल ने कहा कि वह लंबे समय से अपने मौके का इंतजार कर रहे थे और उनकी कोशिश थी कि जब भी टीम में खेलने का अवसर मिले, वह पूरी तरह तैयार रहें.
‘टेस्ट में खेलने के मौके आसानी से नहीं मिलते’
जियोस्टार से बातचीत में पडिक्कल ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में मौका हासिल करना आसान नहीं होता. इसके लिए लगातार मेहनत करने और खुद को बेहतर बनाने की जरूरत होती है.
उन्होंने कहा, 'मैं इस मौके का बेसब्री से इंतजार कर रहा था. टेस्ट क्रिकेट में खेलने के मौके आसानी से नहीं मिलते. इसके लिए लगातार मेहनत करनी पड़ती है और खुद को बेहतर करते रहना होता है. मेरी कोशिश थी कि जब भी मौका मिले, मैं उसके लिए पूरी तरह तैयार रहूं.'
पडिक्कल ने बताया कि सीरीज की शुरुआत में जब उन्हें बता दिया गया कि वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था. उनके मुताबिक उस समय वह अपने करियर की सबसे अच्छी बल्लेबाजी फॉर्म में थे.
नंबर-3 पर खेलने का दबाव नहीं
भारत के लिए नंबर-3 की जिम्मेदारी हमेशा खास रही है. इस स्थान पर राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा जैसे दिग्गज बल्लेबाज लंबे समय तक खेल चुके हैं. ऐसे में पडिक्कल पर भी स्वाभाविक रूप से तुलना और उम्मीदों का दबाव रहेगा. हालांकि, बाएं हाथ के इस बल्लेबाज का कहना है कि वह इन चीजों के बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे हैं. उनका पूरा ध्यान टीम के लिए रन बनाने और अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेने पर है.
पडिक्कल ने कहा कि मैदान पर उतरने के बाद उनके लिए यह मायने नहीं रखता कि वह किस नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे हैं. उनका उद्देश्य सिर्फ टीम के लिए योगदान देना है. उन्होंने कहा, 'आखिर में आपको मैदान पर जाकर बल्लेबाजी ही करनी होती है. मैं किस नंबर पर बल्लेबाजी कर रहा हूं, इससे ज्यादा जरूरी मेरे लिए टीम के लिए योगदान देना है. नंबर-3 पर भारत के लिए कई महान खिलाड़ी खेल चुके हैं और जाहिर तौर पर तुलना भी होगी, लेकिन मैं सिर्फ अपने क्रिकेट पर ध्यान देना चाहता हूं. अगर मैं अपनी बल्लेबाजी का आनंद ले रहा हूं, तो बाकी चीजें अपने आप सही होती जाएंगी.'
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राहुल द्रविड़ से मिली खास सीख
पडिक्कल ने यह भी बताया कि उन्होंने पूर्व भारतीय मुख्य कोच और महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ से टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी को लेकर कई बार बातचीत की है. द्रविड़ ने उन्हें लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने और टेस्ट क्रिकेट की जरूरतों को समझने को लेकर सलाह दी है. पडिक्कल के मुताबिक, द्रविड़ के साथ हुई बातचीत में सबसे ज्यादा जोर तैयारी और बल्लेबाजी की स्पष्ट योजना पर रहा.
उन्होंने कहा, 'मैंने पिछले कुछ वर्षों में राहुल द्रविड़ के साथ बल्लेबाजी को लेकर काफी बातचीत की है. खासकर इस बारे में कि लंबे समय तक क्रीज पर रहने के लिए क्या करना जरूरी है. आखिरकार बात तैयारी और अपनी योजना को समझने पर आती है.'
तीन पारियों में बनाए 328 रन
श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत ने 1-0 से जीत दर्ज की. इस सीरीज में नंबर-3 बल्लेबाज साई सुदर्शन चोट के कारण उपलब्ध नहीं थे, जिसके बाद पडिक्कल को टीम में जगह मिली. तीन पारियों में 328 रन, दो शतक और 167 रन की सर्वोच्च पारी उनके प्रदर्शन की मजबूती को दिखाती है. उन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और शानदार बल्लेबाजी करते हुए सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे.
घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन
घरेलू क्रिकेट में कर्नाटक के लिए लगातार अच्छे प्रदर्शन और आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिताबी अभियानों में अहम भूमिका निभाने के बाद पडिक्कल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अपनी फॉर्म जारी रखी. उन्होंने तीन पारियों में 328 रन बनाए और 109 से ज्यादा की औसत से बल्लेबाजी की. इस दौरान उनके बल्ले से दो शतक निकले और उनका सर्वोच्च स्कोर 167 रन रहा. शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया.
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