विराट कोहली ने वर्ल्ड कप से पहले किया ‘युद्ध’ का ऐलान, कहा – मुझे अब भी मुठभेड़ पसंद है

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विराट कोहली ने वर्ल्ड कप से पहले किया ‘युद्ध’ का ऐलान, कहा – मुझे अब भी मुठभेड़ पसंद है

5 अक्टूबर से भारत में ही शुरू हो रहे वनडे वर्ल्ड कप में पूरी दुनिया की निगाहें विराट कोहली पर होंगी. क्योंकि कोहली लंबे समय बाद अपने पुराने फॉर्म में लौट आये हैं और क्रिकेट के सभी प्रारूपों में धमाकेदार एंट्री मारी है. वह टीम इंडिया के सबसे फिट खिलाड़ियों में से एक हैं.

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टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली वनडे विश्व कप चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार हैं. यह स्वीकार करते हुए कि मेगा इवेंट के दौरान दबाव होगा, कोहली ने कहा कि न केवल प्रशंसक बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम भी विश्व कप जीतना चाहती है. भारत के लिए 15 साल तक खेलने वाले कोहली ने कहा कि उन्हें अब भी चुनौतियां पसंद हैं.

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कोहली ने कहा कि आपके सामने कोई भी चुनौती हो, आप उसका इंतजार करते हैं. जब कठिनाई आपके सामने आती है तो आप उत्साहित हो जाते हैं. आप उससे पीछे नहीं हटते. 15 साल बाद भी मुझे मुकाबले पसंद हैं और विश्व कप 2023 उनमें से एक (चुनौती) है, जो मुझे उत्साहित करता है. मुझे कुछ नया चाहिए, आप जानते हैं.

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कोहली ने कहा, “दबाव हमेशा रहता है. प्रशंसक हमेशा कहते हैं कि हम (टीम) एक कप जीतना चाहते हैं. मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहूंगा. इसलिए, मैं सही जगह पर हूं. ईमानदारी से कहूं तो मुझे पता है उम्मीदें वहां हैं और लोगों की भावनाएं वहां हैं. लेकिन कृपया जान लें कि खिलाड़ियों से ज्यादा कोई भी जीतना नहीं चाहता है.’

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हालांकि, कोहली के लिए विश्व कप जीतना कोई नई बात नहीं है. उन्होंने 2008 में आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में भारत को जीत दिलाई थी और वह एमएस धोनी की अगुवाई वाली उस भारतीय टीम का भी हिस्सा थे जिसने 2011 में घरेलू मैदान पर 50 ओवर का विश्व कप जीता था.

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उन्होंने कहा कि मेरे करियर का मुख्य आकर्षण स्पष्ट रूप से 2011 में विश्व कप जीतना है. मैं उस समय 23 वर्ष का था, और शायद मुझे इसकी भयावहता समझ में नहीं आई. लेकिन अब 34 वर्ष की उम्र में, और कई विश्व कप खेले हैं, जो हम जीतने में सक्षम नहीं थे. इसलिए, मैं सभी वरिष्ठ खिलाड़ियों की भावनाओं को समझता हूं.

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कोहली ने कहा, “सचिन तेंदुलकर के लिए और भी अधिक खास था, क्योंकि यह उनका आखिरी विश्व कप था. वह तब तक पहले ही कई विश्व कप खेल चुके थे और अपने गृहनगर मुंबई में इसे जीतना उनके लिए बहुत खास था. मेरा मतलब है, यह सपनों की बात थी.”

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कोहली ने 2011 विश्व कप से पहले और उसके दौरान खिलाड़ियों पर बने दबाव को भी याद किया. उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि जब हम यात्रा कर रहे थे तो सभी खिलाड़ियों पर कितना दबाव था, शुक्र है कि तब कोई सोशल मीडिया नहीं था. ईमानदारी से कहूं तो यह एक बुरा सपना होता.

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उन्होंने कहा, “सीनियर खिलाड़ी हमेशा जोश में रहते थे और उस दबाव को झेलते थे. यह बहुत शानदार था. और वह रात (विश्व कप जीत के बाद) अपने आप में कुछ जादुई थी.” भारत के पास इस साल अपने घर में विश्व कप जीतने का शानदार मौका है और भारत इसे छोड़ना नहीं चाहेगा.

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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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