स्कूल में 50 परसेंट लाना था मुश्किल, सूर्यकुमार ने कप्तानी में पाए 80 प्रतिशत नंबर

Updated:
विज्ञापन

सूर्यकुमार यादव, pic- PTI

Suryakumar Yadav Captaincy Record: भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मैदान पर 80 प्रतिशत जीत का शानदार रिकॉर्ड बनाया है. स्कूल में 50 प्रतिशत नंबर लाने के लिए संघर्ष करने वाले सूर्या के पिता इंजीनियर थे. पढ़ाई में मन न लगने पर परिवार ने सपोर्ट किया और आज वह दुनिया के धाकड़ बल्लेबाज हैं.

विज्ञापन

Suryakumar Yadav Captaincy Record: सूर्यकुमार यादव को पढ़ाई में भले ही कोई खास सफलता नहीं मिली, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर उन्होंने 80 प्रतिशत अंक पक्के कर लिए हैं. सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत ने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप का खिताब बचाया है. टीम इंडिया के कप्तान के रूप में उनका जीत का रिकॉर्ड 80 प्रतिशत है. साल 2024 में टी20 टीम की कमान संभालने के बाद से उन्होंने टीम को लगातार सफलता दिलाई है. सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत ने कुल 52 मैच खेले हैं, जिनमें से 42 मैचों में टीम को शानदार जीत मिली है.

विज्ञापन

स्कूल में 50 परसेंट पार करना था मुश्किल

सूर्यकुमार से जब उनके इस शानदार रिकॉर्ड के बारे में सवाल किया गया, तो उनका जवाब बहुत सीधा था. उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज में जो नंबर वह लाना चाहते थे, वह अब उन्हें क्रिकेट में मिल रहे हैं. उन्होंने साफ कहा कि पढ़ाई के समय वह कभी 50 या 60 प्रतिशत का आंकड़ा पार नहीं कर सके. क्रिकेट में 80 प्रतिशत जीत का रिकॉर्ड सुनना उन्हें बहुत अच्छा लगता है. उन्होंने यह भी कहा कि वह आंकड़ों पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं देते, लेकिन हार किसी को पसंद नहीं होती और उन्हें भी बस जीतना ही अच्छा लगता है.

पिता इंजीनियर थे पर बेटे ने चुना खेल

सूर्यकुमार यादव के पिता अशोक कुमार यादव भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के पद पर थे. घर में पढ़ाई का माहौल होने के बावजूद सूर्यकुमार का मन कभी भी किताबों में नहीं लगा.

परिवार से मिला सपनों को पूरा करने का साथ

जब परिवार ने देखा कि उनका पढ़ाई में कोई मन नहीं है, तो उन्होंने क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए पूरा सपोर्ट किया. सूर्यकुमार ने बताया कि घर वालों ने शुरुआत में उन्हें पढ़ाई के लिए बहुत कहा. लेकिन जल्दी ही वे समझ गए कि इस लड़के को किताबों में कोई दिलचस्पी नहीं है. परिवार ने देखा कि उसे क्रिकेट खेलने में पूरा मजा आता है. इसके बाद घर वालों ने कहा कि तुम बस अपना खेल खेलो, अगर कुछ हासिल नहीं हुआ तो हम लोग सब संभाल लेंगे.

मेहनत से नहीं पड़ी प्लान बी की जरूरत

हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहने वाले इस धाकड़ बल्लेबाज ने अपनी मेहनत से कभी वह समय नहीं आने दिया जब उन्हें किसी ‘प्लान बी’ का सहारा लेना पड़े. परिवार के विश्वास और अपने दमदार खेल की बदौलत उन्होंने विश्व क्रिकेट में अपना एक अलग नाम बना लिया है.

ये भी पढ़ें-

900 मेहमान, अवधी शाकाहारी खाना… कुलदीप और वंशिका के रिसेप्शन की पूरी डिटेल

धोनी के साथ खेलने पर सैमसन का बयान, बताया क्यों छोड़ा राजस्थान रॉयल्स का साथ?

IPL 2026: बीसीसीआई का सभी टीमों को झटका, प्रैक्टिस में मनमानी नहीं कर पाएंगी फ्रेंचाइजी

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola