Shravana Purnima Vrat: क्या करें और क्या नहीं? जानें जरूरी नियम

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श्रावण पूर्णिमा व्रत के दौरान पूजा करते भक्त. इमेज- एआई

सावन पूर्णिमा का व्रत धन, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है. इस दिन किए गए कुछ कार्य विशेष फलदायी होते हैं, जबकि कुछ से बचना चाहिए. जानिए व्रत के महत्वपूर्ण नियम.

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Shravana Purnima Vrat: हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल सावन पूर्णिमा का व्रत शुक्रवार 28 अगस्त को रखा जाएगा. पूर्णिमा का व्रत धन और ऐश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी, भगवान विष्णु और चंद्र देव से जुड़ा है. धार्मिक मान्यता और परंपरा के मुताबिक, श्रावण पूर्णिमा व्रत में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होता है, जैसे कि इस दिन क्या करने से शुभ फल प्राप्त होता है और किन कार्यों को नहीं करना चाहिए. शास्त्रों में पूर्णिमा व्रत को लेकर कुछ खास नियमों का उल्लेख किया गया है. ऐसे में पूर्णिमा व्रत रखने वालों के लिए जरूरी है कि वे व्रत से जुड़ी संबंधित जानकारियां पहले हासिल कर लें.

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श्रावण पूर्णिमा व्रत में क्या करें?

  1. स्नान व दान- सावन पूर्णिमा व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. संयोग बने तो पवित्र नदियों में स्नान करें. अगर इतना भी न कर पाएं, तो नहाने वाले पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें. पूर्णिमा के दिन दान करने की परंपरा है. इसलिए मंदिरों में या जरूरतमंद लोगों को सफेद वस्तुओं का दान करें. इस दिन मीठी वस्तुओं का दान करने से शुभ फल प्राप्त होता है.
  2. पूजा-पाठ- श्रावण पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु, सत्यनारायण भगवान, चंद्र देव और माता लक्ष्मी का पूजन करें. शाम के समय चंद्र देव की पूजा करें. इसके अलावा आप भगवान शिव का भी पूजन कर सकते हैं क्योंकि उनके माथे पर भी चंद्रमा विराजमान है.
  3. शाम को दें चंद्र देव को अर्घ्य- श्रावण पूर्णिमा को शाम के वक्त चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त होता है. इसलिए चंद्र देव उदित हो जाएं, तो उन्हें दूध, फल, सफेद मिठाई, अक्षत और सफेद फूल से अर्घ्य दें.

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  1. व्रत के दौरान क्या करें- श्रावण पूर्णिमा का व्रत के दौरान सिर्फ सात्विक चीजें ग्रहण करें. भोजन में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल करें. फल, दूध और मेवा का सेवन किया जा सकता है.

श्रावण पूर्णिमा व्रत में क्या न करें?

  • तामसिक भोजन- श्रावण पूर्णिमा व्रत के दौरान तामसिक पदार्थ जैसे- लहसुन, प्याज और मांस इत्यादि का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से व्रत की पवित्रता नष्ट हो जाती है. इसके परिणामस्वरूप व्रत का शुभ फल प्राप्त नहीं होता.
  • बाल-नाखून से जुड़े नियम- श्रावण पूर्णिमा व्रत के दिन बाल-नाखून काटने या कटवाने से बचना चाहिए. इस दिन व्रती महिलाओं को बाल नहीं धोना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार, ऐसा करना अशुभ है.
  • दिन में न सोएं- जो लोग श्रावण पूर्णिमा का व्रत रखते हैं, उन्हें दिन में सोना नहीं चाहिए. शास्त्रों के अनुसार, व्रत के दौरान सोना निषेध है. ऐसे में व्रतियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए.

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  • विवाद या लड़ाई-झगड़े- श्रावण पूर्णिमा के दिन किसी भी तरह का लड़ाई-झगड़ा नहीं करना चाहिए. इसके साथ ही इस दिन किसी के लिए अपशब्दों का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए. इस दिन दूसरों के प्रति मन में बुरे ख्याल लाने से व्रत का फल प्राप्त नहीं होता.


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