Gemstone Astrology: मोती रत्न किसे पहनना चाहिए? जानें चंद्रमा से जुड़े इस रत्न के फायदे और धारण करने का सही तरीका

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मोती रत्न की सांकेतिक तस्वीर (एआई निर्मित)

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मोती रत्न चंद्रमा का प्रतिनिधित्व करता है. जानें कि मोती किसे पहनना चाहिए, इसके क्या फायदे हैं और इसे धारण करने की सही विधि क्या है.

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Gemstone Astrology: ज्योतिष शास्त्र में मोती का संबंध चंद्रमा से बताया गया है. चंद्रमा को मन, भावनाओं, मानसिक शांति, माता और भावनात्मक स्थिति से जुड़ा माना जाता है. कुंडली में चंद्रमा की स्थिति देखकर इसे धारण करने से शुभ फल मिलते हैं. हालांकि, हर व्यक्ति के लिए मोती शुभ हो, यह जरूरी नहीं है. मोती धारण करने से पहले लग्न, चंद्रमा की स्थिति, उसके भाव और दूसरे ग्रहों के साथ उसके संबंध को देखना जरूरी है. ऐसे में आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य डॉ. एन. के. बेरा से जुड़ी हर जरूरी बात.

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किन लोगों को मोती पहनना चाहिए?

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा शुभ स्थिति में हो और जिनकी कुंडली में चंद्रमा प्रतिकूल स्थिति में हो, उनके लिए भी मोती लाभकारी हो सकता है. इसके अलावा, यदि कुंडली में चंद्रमा के साथ राहु, केतु या शनि की स्थिति हो, तो भी मोती धारण करना शुभ होता है. इसके साथ ही, जिन लोगों को मन की बेचैनी, चिड़चिड़ापन या भावनात्मक असंतुलन जैसी परेशानियां रहती हैं, उनके लिए भी मोती पहनना फायदेमंद हो सकता है.

किन लग्न वालों के लिए मोती लाभकारी माना जाता है?

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, जल तत्व से जुड़े लग्नों के जातकों के लिए मोती शुभ माना जाता है. इनमें मुख्य रूप से ये लग्न शामिल हैं:

  • कर्क लग्न
  • वृश्चिक लग्न
  • मीन लग्न

मोती पहनने से क्या लाभ मिलते हैं?

मोती धारण करने से चंद्रमा से जुड़े शुभ प्रभाव प्राप्त हो सकते हैं. इसका मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक सोच पर शुभ प्रभाव पड़ सकता है. इसके अलावा, मोती को पारिवारिक सुख, मन की स्थिरता और आत्मविश्वास से जुड़े मामलों में भी लाभकारी माना जाता है.

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किन लोगों को मोती नहीं पहनना चाहिए?

डॉ. एन. के. बेरा ने बताया है कि वैसे तो मोती पहनना किसी के लिए नुकसानदायक नहीं है और लगभग हर व्यक्ति इसे धारण कर सकता है. लेकिन इसे धारण करने से पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए.

मोती किस धातु में पहनना चाहिए?

मोती को चांदी और सोना दोनों में ही धारण किया जा सकता है. चांदी का संबंध चंद्रमा से है, इसलिए मोती को चांदी की अंगूठी में पहनना शुभ माना जाता है. सोना बृहस्पति ग्रह से संबंधित है. जब बृहस्पति और चंद्रमा का विशेष योग बनता है, तब गजकेसरी योग का निर्माण होता है, जो बेहद लाभदायक माना जाता है.

मोती किस उंगली में पहनना चाहिए?

मोती को कनिष्ठा उंगली में धारण किया जाता है. हालांकि, इसे ज्योतिष की सलाह पर तर्जनी उंगली में भी धारण किया जा सकता है. पुरुषों को मोती दाहिने हाथ में और महिलाओं को बाएं हाथ में पहनना चाहिए.

मोती पहनने के लिए कौन सा दिन शुभ है?

मोती का संबंध चंद्रमा से होने के कारण इसे सोमवार के दिन धारण करना शुभ माना जाता है. ज्योतिषीय परंपरा में शुक्ल पक्ष की शुक्ल पक्ष की द्वितीया, पंचमी, सप्तमी और दशमी तिथि को मोती धारण करना शुभ माना जाता है. इसके अलावा रोहिणी नक्षत्र में मोती धारण करना विशेष रूप से फलदायक होता है.

मोती धारण करने की विधि

मोती को धारण करने से पहले उसे शुद्ध करना चाहिए. इसके लिए सोमवार की सुबह मोती की अंगूठी को दूध और गंगाजल में डालकर शुद्ध किया जाता है. इसके बाद चंद्रमा का ध्यान कर अंगूठी धारण की जाती है. मोती धारण करने के दौरान “ॐ सोम सोमाय नमः” या “ॐ चंद्राय नमः” मंत्र का जाप करें.

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