Gupt Navratri 2025: जयद योग में साधक करेंगे दस महाविद्या की उपासना, जानें देवी की 16 शक्तियों की प्राप्ति के लिए पूजा विधि

Updated at : 20 Jan 2025 4:06 PM (IST)
विज्ञापन
माघ गुप्त नवरात्रि 2025

माघ गुप्त नवरात्रि 2025

Gupt Navratri 2025: माघ गुप्त नवरात्र में श्रद्धालु अपनी आध्यात्मिक और मानसिक शक्तियों में वृद्धि करने के लिए उपवास, संयम, नियम, भजन, पूजन योग साधना आदि करते हैं.

विज्ञापन

Magh Gupt Navratri 2025: माघ शुक्ल प्रतिपदा में 30 जनवरी को श्रवण नक्षत्र व जयद योग के सुयोग में गुप्त नवरात्र शुरू हो रहा है. 30 जनवरी को कलश स्थापना से नवरात्र शुरू होकर सात फरवरी को विजयादशमी से साथ संपन्न होगा. इस दौरान श्रद्धालु निराहार या फलाहार रह कर माता की आराधना करेंगे. घरों एवं मंदिरों में कलश की स्थापना के साथ शक्ति की उपासना होगी. इस नवरात्र में श्रद्धालु अपनी आध्यात्मिक और मानसिक शक्तियों में वृद्धि करने के लिए उपवास, संयम, नियम, भजन, पूजन योग साधना आदि करते हैं. तंत्र और शाक्त मतावलंबी साधना की दृष्टि से गुप्त नवरात्रों के कालखंड को बहुत सिद्धिदायी मानते हैं. यह मां वैष्णो देवी, पराम्बा देवी और कामाख्या देवी का अहम पर्व माना जाता है. हिंगलाज देवी की सिद्धि के लिए भी इस समय को महत्वपूर्ण माना जाता है.

गुप्त नवरात्र में पूजा का महत्व

ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा ने बताया कि माघ मास में सर्दी व शीतलहर की प्रधानता रहती है. ऋतु संधि में अनेक प्रकार की बीमारियों का प्रकोप बढ़ने के कारण इनसे बचाव के लिए माघ मास में शक्ति पूजन की प्राचीन परंपरा है. नवरात्र के विशेष काल में देवी उपासना के माध्यम से खान-पान, रहन-सहन और देव स्मरण में अपनाने गये संयम और अनुशासन तन व मन को शक्ति और ऊर्जा देते हैं, जिससे इंसान निरोगी होकर लंबी आयु और सुख प्राप्त करता है.

देवी की 16 शक्तियों की प्राप्ति के लिए पूजन

माघ मास के इस गुप्त नवरात्र में दस महाविद्याओं मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की साधना की जाती है. विशेष तौर पर तंत्रोक्त क्रियाओं, शक्ति साधनाओं और महाकाल से जुड़े साधकों के लिए यह नवरात्र विशेष महत्व रखता है. देवी के सोलह शक्तियों की प्राप्ति के लिए पूजन होता है.

Also Read: Magh Gupt Navratri 2025: माघ गुप्त नवरात्र 30 जनवरी से, बिहार के थावे मंदिर में जुटेंगे तंत्र साधक

विज्ञापन
Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola