बुद्ध पूर्णिमा 2025 में कब करें पूजा? जानिए तारीख, समय और महत्व

Edited by Shaurya Punj
Updated:
विज्ञापन

Buddha Purnima 2025 on which date

Buddha Purnima 2025: बुद्ध पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था. यह दिन केवल बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए ही नहीं, बल्कि हिन्दू धर्म में भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है. बुद्ध पूर्णिमा को वैशाख पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. चूंकि भगवान बुद्ध का जन्म वैशाख पूर्णिमा को हुआ था, इसलिए इसे बुद्ध पूर्णिमा कहा जाने लगा. इस दिन स्नान-दान के साथ-साथ महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार भी महत्वपूर्ण है. आइए, पंचांग के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा की सही तिथि और इसके महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं.

विज्ञापन

Buddha Purnima 2025: हर साल वैशाख महीने की पूर्णिमा को एक ऐसा दिन आता है जो न केवल बौद्ध अनुयायियों के लिए, बल्कि सभी आध्यात्मिक साधकों के लिए विशेष होता है बुद्ध पूर्णिमा. इस दिन को भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की स्मृति में मनाया जाता है. यानी ये दिन उनके पूरे जीवन के तीन सबसे बड़े मोड़ों को एक साथ याद करता है.

बुद्ध, जिन्हें कई हिंदू परंपराओं में भगवान विष्णु का नौवां अवतार भी माना जाता है, उन्होंने इस दिन बोधगया में बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति की थी. पर क्या आप जानते हैं कि दक्षिण भारत में इस मान्यता को लेकर अलग धारणा है? वहां बुद्ध को विष्णु का अवतार नहीं माना जाता, बल्कि बलराम को आठवां और कृष्ण को नौवां अवतार माना जाता है.

D नाम वालों को चाहिए सफलता? ये 5 उपाय और ये देवता करेंगे मदद

बुद्ध पूर्णिमा सिर्फ किसी धर्म का त्योहार नहीं, बल्कि ये उस रोशनी का उत्सव है जो अंदर से जीवन को बदल देती है—सच, अहिंसा और करुणा की ओर ले जाती है.

बुद्ध पूर्णिमा 2025: कब है यह पावन दिन?

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ – 11 मई 2025, रात 8:01 बजे

पूर्णिमा तिथि समाप्त – 12 मई 2025, रात 10:25 बजे

मुख्य पर्व की तिथि (उदय तिथि अनुसार) – सोमवार, 12 मई 2025

इस दिन को लेकर एक और खास बात ये है कि 2025 में भगवान बुद्ध की 2587वीं जयंती मनाई जाएगी.

बुद्ध पूर्णिमा पर क्या करें?

इस दिन गंगा स्नान, ध्यान, व्रत, और दान विशेष फलदायी माने जाते हैं. लोग मंदिरों में भगवान बुद्ध और विष्णु की पूजा करते हैं और शांति, सुख और समृद्धि की कामना करते हैं.

क्या करें इस दिन

  • सुबह सूर्योदय से पहले पवित्र नदी में स्नान करें
  • भगवान बुद्ध के चित्र या प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं
  • “बुद्धं शरणं गच्छामि” का जाप करें
  • जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र का दान करें
  • मांस-मदिरा से दूर रहें और सात्विक भोजन करें
  • दिनभर संयम और मौन रखने का प्रयास करें

बुद्ध पूर्णिमा का महत्व

बुद्ध पूर्णिमा केवल भगवान बुद्ध की जन्मतिथि नहीं है, यह उनके ज्ञान और त्याग की भावना का उत्सव है. इस दिन उन्होंने जीवन के तीन बड़े सत्य- दुख, उसका कारण और मुक्ति का मार्ग दुनिया को बताए. ये दिन हमें ये सिखाता है कि अगर आप खुद को बदलना शुरू करें, तो दुनिया भी बदल सकती है. हिंदू धर्म में भी बुद्ध के ज्ञान को आध्यात्मिक विकास का जरिया माना गया है. कर्म, मोक्ष और शांति के सिद्धांत दोनों परंपराओं को जोड़ते हैं.

बुद्ध पूर्णिमा सिर्फ एक पर्व नहीं, एक जीवन दर्शन है. यह दिन हमें अपने अंदर झांकने, अपने अहंकार को त्यागने और करुणा व प्रेम के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है. अगर आप भी जीवन की दौड़ में थोड़ा ठहरना चाहते हैं, मन को शांत करना चाहते हैं तो 12 मई 2025 को बुद्ध पूर्णिमा पर खुद से मिलिए.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola