क्या आपको मकान बनवाने में करना पड़ रहा है रुकावट का सामना, करें ये उपाय

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गृह निर्माण में महत्वपूर्ण है शनि का स्थान भाव पीएन चौबे, ज्योतिषविद् सौरमंडल में शनि न्यायधीश की भूमिका में स्थापित हैं. कुंडली में इनकी उपस्थिति के अनुसार अगर गृह निर्माण नहीं होता है, तो यह सर्वथा प्रतिकूल परिणाम देते हैं. अत: जिन जातकों का घर बनाने सपना किसी कारण पूरा न हो पा रहा हो, […]

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गृह निर्माण में महत्वपूर्ण है शनि का स्थान भाव

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पीएन चौबे, ज्योतिषविद्
सौरमंडल में शनि न्यायधीश की भूमिका में स्थापित हैं. कुंडली में इनकी उपस्थिति के अनुसार अगर गृह निर्माण नहीं होता है, तो यह सर्वथा प्रतिकूल परिणाम देते हैं. अत: जिन जातकों का घर बनाने सपना किसी कारण पूरा न हो पा रहा हो, उसमें अड़चनें आ रही हों, तो उन्हें जान लेना चाहिए कि कुंडली के बारह भागों के प्रत्येक भाग में स्थित शनि अलग-अलग परिणाम देते हैं. जैसे अगर शनि लग्न में हो, तो गृह निर्माण नहीं करना चाहिए. संभव हो तो पैतृक मकान में रहें. अगर आवश्यक हो तो 41 वर्ष के बाद ही मकान बनाएं, लेकिन उस वर्ष आपके कुंडली के चौथे एवं आठवें भाव में राहु एवं केतू न हों.

शनि अगर आपके कुंडली के दूसरे भाव में हों, तो मकान बनाना अति शुभ है, लेकिन राहु चौथे एवं आठवें भाव में न हों. तीसरे भाव में शनि होने से उपाय स्वरूप कुत्ता पालना चाहिए, अन्यथा दरिद्रता का प्रकोप छा सकता है. लेकिन राहु चौथे एवं आठवें स्थान में न हो. वहीं अगर शनि चौथे भाव में हो, तो 42 वर्ष के बाद ही घर बनाएं.

पंचम शनि हो, तो पैतृक मकान या संतान द्वारा निर्मित घर मे रहें. अगर छठे शनि हो, तो 39 वर्ष की आयु के बाद मकान बनाना शुभ होता है. सप्तम भावस्थ शनि हों, तो मकान कभी भी बनाएं, लेकिन पैतृक मकान कभी न बेचें. अष्टम भाव में शनि हो, तब भी मकान न बनाएं. नवम भाव में स्थित शनि हों, तो गृह निर्माण करें मगर जब पत्नी गर्भावस्था नहीं हो. दशम भाव में स्थित शनि में मकान नहीं बनाना अच्छा है. अगर जरूरी है, तो 60 वर्ष के बाद ही मकान बनाएं, अन्यथा गरीबी आ जायेगी.

यदि कुंडली में एकादश भाव में शनि हों, तो 55 वर्ष के बाद ही घर बनाएं. लेकिन किसी भी स्थिति में घर दक्षिनामुखी नहीं हो. नहीं तो दुःख ही दुःख होगा. अगर शनि बारहवें घर में हो, तो मकान कभी भी बनाया जा सकता है, बशर्ते गृह निर्माण बीच में न रोकें. लेकिन ध्यान रहे उस वर्ष राहु चौथे या आठवें भाव में न हों. ज्योतिष जगत में ग्रहों के बलाबल के आधार पर जान लिया जाता है कि घर की आयु कितनी है, इसलिए गृह निर्माण के पहले ज्योतिषीय परामर्श लेना आवश्यक है.

मकान बनवाने में रुकावटें आ रही हों, तो करें ये उपाय
यदि आपको अपना मकान बनवाने में रुकावटें आ रही हों, काम टलता जा रहा हो, तो मंगल को प्रसन्न करने के उपाय करने चाहिए. दरअसल, ज्योतिष में मंगल को भूमि और शनि को निर्माण कार्यों का कारक ग्रह माना गया है. इन दोनों ग्रहों की अनुकूलता प्राप्त करने के लिए नियमित हनुमान आराधना करना उत्तम उपाय है. साथ ही किसी भी मंगलवार से प्रारंभ करके लगातार 21 दिनों तक गाय को गुड़ खिलाएं. इससे मंगल की अनुकूलता प्राप्त होगी. संभव हो तो प्रतिदिन प्रात: स्नानादि से निवृत्त होकर गणेशजी को लाल रंग का फूल तथा दुर्वा अर्पित करें. इससे भवन निर्माण में आ रही बाधाएं शीघ्र दूर होंगी.
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