'लोग बोलते थे, 10वीं पास शिक्षा मंत्री क्या करेगा? तभी पढ़ने की ठानी', झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कही ये बात
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 11 Aug 2020 6:48 AM
इच्छा हो, तो पढ़ाई के लिए कोई उम्र सीमा नहीं होती. इसे चरितार्थ कर दिखाया झारखंड के स्कूली शिक्षा व मद्य निषेध मंत्री जगरनाथ महतो ने. 53 वर्षीय श्री महतो ने मैट्रिक पास करने के 25 साल बाद इंटरमीडिएट में दाखिला लिया है.
रांची/बेरमो : इच्छा हो, तो पढ़ाई के लिए कोई उम्र सीमा नहीं होती. इसे चरितार्थ कर दिखाया झारखंड के स्कूली शिक्षा व मद्य निषेध मंत्री जगरनाथ महतो ने. 53 वर्षीय श्री महतो ने मैट्रिक पास करने के 25 साल बाद इंटरमीडिएट में दाखिला लिया है. श्री महतो ने सोमवार को बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड मुख्यालय स्थित देवी महतो स्मारक इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट आर्ट्स में अपना नामांकन कराया. उन्होंने एक विषय राजनीति विज्ञान भी रखा है. वह वर्ष 2022 में इंटरमीडिएट की परीक्षा देंगे. खास बात यह है कि श्री महतो ने उसी कॉलेज में दाखिला लिया है, जिसकी स्थापना उनके सहयोग से ही हुई है.
शिक्षा मंत्री सोमवार दोपहर 1:15 बजे कॉलेज पहुंचे. कार्यालय कक्ष में जाकर नामांकन फार्म लिया और उसे भरकर जमा किया. नामांकन शुल्क के रूप में 11 सौ रुपये भी जमा किये. प्राचार्य दिनेश प्रसाद वर्णवाल ने शिक्षा मंत्री का नामांकन लिया. इस दौरान शिक्षा मंत्री करीब 15 मिनट तक नामांकन काउंटर में सामान्य विद्यार्थी की तरह खड़े रहे. नामांकन के लिए पहुंचे कई विद्यार्थी यह देखने के लिए काफी उत्सुक थे. मंत्री ने छात्र-छात्राओं से कहा कि अब कॉलेज में हमेशा आप लोगों के साथ मुलाकात होती रहेगी, क्योंकि मुझे भी क्लास करनी है, तभी परीक्षा में पास हो पायेंगे.
मंत्री श्री महतो ने कहा कि उन्होंने राज्य संपोषित नेहरू उच्च विद्यालय, तेलो (चंद्रपुरा प्रखंड) से मैट्रिक की परीक्षा वर्ष 1995 में सेकेंड डिवीजन से पास की थी. उनका सेंटर गोमिया स्थित नेहरू स्मारक उच्च विद्यालय पड़ा था. बाद में झारखंड अलग राज्य आंदोलन में भाग लेने कारण आगे की पढ़ाई नहीं कर सके.
श्री महतो ने कहा : मंत्री बनने के बाद भी मेरी जीवनशैली में किसी तरह का बदलाव नहीं आया और न ही मैं अपने परिवार को इसकी इजाजत देता हूं. आज भी पूरे परिवार के साथ खेती करता हूं. सुबह में भरपेट माड़-भात खाता हूं. गरीब परिवार से ताल्लुक रखता हूं. गरीबी देखी है और जीवन में संघर्ष किया है. कल मैं अगर मंत्री नहीं रहा, तो फिर मुझे कौन पूछेगा? इसलिए मैं आज भी धरातल पर रहता हूं . 24 घंटे में 18 घंटे जनता की सेवा में लगा रहता हूं.
झामुमो के विधायक रहे सुखराम उरांव ने भी 40 साल की उम्र में 2005 में मैट्रिक की परीक्षा दी थी. श्री उरांव तब चक्रधरपुर के विधायक थे. श्री उरांव ने अपने बेटे व परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ परीक्षा दी थी. परीक्षा उन्होंने प्रथम श्रेणी में पास की थी. फिर 2007 में उन्होंने इंटर, 2010 में बीए, 2012 में एमए किया. फिलहाल मगध विवि से पीएचडी कर रहे हैं. लंबे अर्से के बाद पढ़ाई शुरू कर श्री उरांव ने समाज में एक मिसाल कायम की है.
बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड मुख्यालय स्थित देवी महतो स्मारक इंटर कॉलेज में लिया दाखिला
आर्ट्स में लिया है एडमिशन राजनीति विज्ञान भी रखा विषय
शिक्षा मंत्री ने 25 साल पहले पास की थी मैट्रिक की परीक्षा
प्रभात खबर से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा : जब शिक्षा मंत्री बना, तो लोगों ने सवाल उठाया कि 10वीं पास शिक्षा मंत्री क्या करेगा? इससे मेरे मन को बहुत ठेस पहुंची. मंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही आगे की पढ़ाई शुरू करने का निश्चय कर लिया था. अब एडमिशन ले लिया हूं, तो पढ़ाई के लिए भी हर हाल में समय निकालूंगा. पूरी कोशिश होगी कि फर्स्ट डिवीजन से परीक्षा पास करूं. इंटर के बाद स्नातक करने भी योजना है. श्री महतो ने कहा कि मंत्रालय संभालने के साथ वे कक्षाएं भी करेंगे.
Post by : Pritish Sahay
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