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झारखंड स्थापना दिवस कब मनाया जाता है, प्रदेश की विशेषताओं के बारे में यहां जानें

Updated at : 01 Nov 2022 7:59 PM (IST)
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झारखंड स्थापना दिवस कब मनाया जाता है, प्रदेश की विशेषताओं के बारे में यहां जानें

झारखंड स्थापना दिवस: झारखंड की राजधानी रांची और उसके आसपास बड़ी संख्या में झील और जलप्रपात हैं, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. रांची में हुंडरू फॉल, दशम फॉल, जोन्हा फॉल, पंचघाघ फॉल हैं, तो बिरसा जैविक उद्यान भी है.

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झारखंड स्थापना दिवस: झारखंड गठन को 22 साल पूरे होने जा रहे हैं. 15 नवंबर को झारखंड स्थापना दिवस (Jharkhand Foundation Day) मनाया जायेगा. इस दिन हर साल की तरह इस वर्ष भी अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा. लंबे संघर्ष के बाद अलग झारखंड राज्य का गठन हुआ था. वर्ष 1947 में भारत को आजादी मिलने के बाद मध्यप्रदेश, ओड़िशा और बिहार राज्य का गठन हुआ. फिर वर्ष 2000 में बिहार राज्य के कुछ हिस्से को काटकर झारखंड राज्य का गठन किया गया.

झारखंड को कहा जाता है जलप्रपातों का प्रदेश

झारखंड की सीमाएं बिहार, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश से लगती हैं. प्रदेश के उत्तर में बिहार है, तो दक्षिण में ओड़िशा, पूर्व में पश्चिम बंगाल है, तो पश्चिम में छत्तीसगढ़ और उत्तर पश्चिमी हिस्से में उत्तर प्रदेश राज्य स्थित है. झारखंड की राजधानी रांची है. खनिज संपदा से परिपूर्ण इस राज्य में पर्यटन स्थल भी हैं. इसे जलप्रपातों का प्रदेश भी कहा जाता है.

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रांची के झील और जलप्रपात

झारखंड की राजधानी रांची और उसके आसपास बड़ी संख्या में झील और जलप्रपात हैं, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. रांची में हुंडरू फॉल, दशम फॉल, जोन्हा फॉल, पंचघाघ फॉल हैं, तो बिरसा जैविक उद्यान भी है. रांची झील है, तो कांके डैम भी है. धुर्वा स्थित जगन्नाथ मंदिर भी लोगों के आकर्षण और आस्था का केंद्र है.

झारखंड में है खनिज का विशाल भंडार

भारत में जितने भी खनिज भंडार हैं, उसका विशाल 40 फीसदी हिस्सा झारखंड में है. परमाणु ऊर्जा के लिए जरूरी यूरेनियम का बड़ा खनिज भंडार झारखंड में है. अभ्रक, बॉक्साइट, ग्रेनाईट, सोना, चांदी, ग्रेफाइट, मैग्नेटाईट, डोलोमाइट, फायरक्ले, क्वार्ट्ज, फील्डस्पर, कोयला (भारत का 32 फीसदी कोयला भंडार), लोहा, तांबा (भारत के भंडार का 25 फीसदी) का विशाल भंडार झारखंड में है.

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झारखंड के प्रमुख फल

सेव और केसर की खेती आमतौर पर ठंडे प्रदेशों में होती है. जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में ये चीजें पायी जाती हैं. लेकिन, झारखंड के किसानों ने यहां भी केसर और सेव की खेती शुरू कर दी है. अमरूद, केला, पपीता और नींबू यहां के प्रमुख फल हुआ करते थे. झारखंड में काजू की भी खेती होती है. सिल्ली में अमरूद बगान है, तो पूर्वी सिंहभूम में काजू बागान.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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