झारखंड की ये बेटियां कभी हुई थी मानव तस्करी की शिकार, लेकिन अब बाल अधिकार संरक्षण आयोग में सुनायेंगी फैसला

Updated at : 22 Nov 2021 12:52 PM (IST)
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झारखंड की ये बेटियां कभी हुई थी मानव तस्करी की शिकार, लेकिन अब बाल अधिकार संरक्षण आयोग में सुनायेंगी फैसला

झारखंड की 4 बेटियां जो कभी मानव तस्करी की शिकार हुई थी वो अब राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष व सदस्य बनेंगी. इन सभी लोगों को दिल्ली बुलाया गया है. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने दिल्ली में इन बालिकाओं से मुलाकात की

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रांची : ट्रैफिकिंग के खिलाफ मुखर हुईं झारखंड की चार बेटियां एक दिन के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष व सदस्य बनेंगी और फैसला सुनायेंगी. महिला बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार की पहल पर ट्रैफिकिंग की शिकार बालिकाओं को यह अधिकार दिया गया है. सभी बालिकाओं को महिला बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार एवं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से आयोजित आजादी के महोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आमंत्रित किया गया है.

दिल्ली में बालिकाओं ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से मुलाकात की. स्मृति ईरानी ने कहा कि झारखंड की बेटियां आज पूरे देश को मानव तस्करी से बचाव के लिए प्रेरित कर रही हैं. ये बालिकाएं एक दिन के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य बन कर फैसला सुनायेंगी.

उन्होंने बाल कल्याण संघ की ओर से किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की. वहीं, बाल कल्याण संघ के सचिव संजय कुमार मिश्र ने कहा कि राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के दिशा-निर्देश पर राष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लेने के लिए झारखंड की चार बालिकाओं का चयन हुआ था, जिन्हें बाल कल्याण संघ की ओर से दिल्ली भेजा गया.

Posted By : Sameer Oraon

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