ePaper

झारखंड में आयुष्मान भारत योजना तहत फर्जी मरीजों का किया जा रहा इलाज, जांच में हुआ खुलासा

Updated at : 02 Jun 2022 7:13 AM (IST)
विज्ञापन
झारखंड में आयुष्मान भारत योजना तहत फर्जी मरीजों का किया जा रहा इलाज, जांच में हुआ खुलासा

झारखंड में अब आयुष्मान भारत योजना के तहत कागजी मरीजों का भी इलाज हो रहा है. रीजनल फ्रॉड डिटेक्शन यूनिट ने धनबाद के जेपी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर की जांच में यह खुलासा किया है.

विज्ञापन

रांची: झारखंड में आयुष्मान भारत योजना के तहत फर्जी मरीजों का इलाज होने लगा है, मामला ये है कि जेपी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर में एक जांच हुआ जिसमें ये खुलासा हुआ कि आयुष्मान योजना के पोर्टल में जिन 36 मरीजों का नाम दर्ज हैं. उनमें से एक भी मरीज अस्पताल में नहीं मिला. इसके अलावा पैसा कमाने के लिए अस्पताल द्वारा पैकेजों में भी हेरफेर करने का मामला पकड़ में आया है. जांच के बाद फ्रॉड डिटेक्शन यूनिट ने सरकार से अस्पताल पर कार्रवाई की अनुशंसा की है. साथ ही अस्पताल की संबद्धता समाप्त करने की बात कही है.

डीसी ने दिया था जांच का निर्देश :

धनबाद डीसी ने संबंधित अस्पताल द्वारा गड़बड़ी किये जाने की शिकायतों की जांच का आदेश दिया था. रीजनल फ्रॉड डिटेक्शन यूनिट ने आदेश के आलोक में जेपी एंड रिसर्च सेंटर (बलियापुर धनबाद) की जांच कर अपनी रिपोर्ट झारखंड राज्य आरोग्य सोसाइटी को सौंप दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि धनबाद के सिविल सर्जन डॉ श्याम किशोरकांत के नेतृत्व में जेपी अस्पताल की जांच की गयी. जांच दल में डॉ विकास राणा और क्लस्टर समन्वयक रूपेश सिंह को शामिल किया गया. जांच टीम शाम छह बजे जेपी अस्पताल पहुंची.

अस्पताल की ओर से आयुष्मान पोर्टल पर 36 मरीजों को भर्ती करने का ब्योरा अपलोड किया गया था. जांच दल ने पोर्टल पर अपलोड किये गये ब्योरे के अनुरूप भौतिक निरीक्षण किया. हालांकि 36 में एक भी मरीज अस्पताल में नहीं मिला. अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज आलोक बाउरी ने जांच दल को बताया कि वह आयुष्मान योजना के तहत अस्पताल में भर्ती हुआ है.

लेकिन उससे भी पैसों की वसूली की गयी है. जांच में पाया गया कि अस्पताल ने गलत तरीके से पैसा कमाने के लिए पैकेज में हेराफेरी की. अस्पताल में बवासीर के इलाज के लिए भर्ती मरीजों के ‘यूट्रस’ का ऑपरेशन दिखाया गया. अस्पताल में किये गये ऑपरेशन से संबंधित दस्तावेज की जांच के दौरान ‘ओटी नोट’ और ‘एनेस्थिसिया नोट’ गायब मिले.

इससे ऑपरेशन की सत्यता को प्रमाणित करना संभव नहीं है. अस्पताल की गतिविधियों से जुड़ी 10 महत्वपूर्ण फाइलों की मांग जांच के लिए की गयी. हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने फाइलें जांच के लिए नहीं दी. रिपोर्ट में कहा गया है कि थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर(टीपीए) के प्रतिनिधियों ने फील्ड विजिट का भी वीडियो तैयार किया था.

Posted By: Sameer Oraon

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola