OBC Reservation: अशोक गहलोत ने OBC को 21 प्रतिशत के अलावा 6% अतिरिक्त आरक्षण देने का किया ऐलान

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 09 Aug 2023 10:35 PM

विज्ञापन

राजस्थान सरकार ने बालिकाओं एवं महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म के प्रयास तथा दुष्कर्म के आरोपियों तथा मनचलों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है.

विज्ञापन

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने अगामी विधानसभा चुनाव से पहले लगातार राज्य की जनता के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं. इसी सिलसिले में उन्होंने ओबीसी को अतिरिक्त आरक्षण देने की घोषणा कर. उन्होंने कहा, राजस्थान में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए मौजूदा 21% आरक्षण के अलावा 6% अतिरिक्त आरक्षण दिया जाएगा, जो ओबीसी वर्ग की सबसे पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षित होगा.

राजस्थान में भी जाति जनगणना हो

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जाति जनगणना की चर्चा करते हुए कहा, मैं चाहता हूं कि राज्य में भी जाति जनगणना हो. मालूम हो बिहार में जातिगत गणना का पहला चरण 21 जनवरी को पूरा हो गया. गणना करने वालों और पर्यवेक्षकों सहित लगभग 15,000 कर्मचारियों को घर-घर जाकर सर्वेक्षण के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं. हालांकि अब मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा चुका है. जिसमें बिहार में जातिगत गणना को मंजूरी देने के पटना हाई कोर्ट के एक अगस्त के आदेश पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है.

छेड़छाड़, दुष्कर्म के आरोपियों तथा मनचलों को सरकारी नौकरी से प्रतिबंधित करेगी सरकार: गहलोत

राजस्थान सरकार ने बालिकाओं एवं महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म के प्रयास तथा दुष्कर्म के आरोपियों तथा मनचलों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित करने का फैसला किया है. गहलोत ने ट्वीट किया, राज्य सरकार ने फैसला किया है कि बालिकाओं एवं महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म के प्रयास एवं दुष्कर्म के आरोपियों तथा मनचलों को सरकारी नौकरियों से प्रतिबंधित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए मनचलों का भी पुलिस थानों में हिस्ट्रीशीटरों की तरह रिकॉर्ड रखा जाएगा एवं राज्य सरकार/ पुलिस द्वारा जारी किए जाने वाले इनके चरित्र प्रमाण पत्र पर यह अंकित किया जाएगा. गहलोत ने कहा, ऐसे असामाजिक तत्वों का सामाजिक बहिष्कार करना आवश्यक है.

Also Read: Explainer: अशोक गहलोत को सीएम पद से हटाना कितना मुश्किल ? सचिन पायलट के हठ के बाद भी बने रहे पद पर

बार एवं नाइट क्लबों पर सख्ती करेगी राजस्थान सरकार

गौरतलब है कि गहलोत ने सोमवार रात को मुख्यमंत्री निवास पर कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान कहा था कि महिलाओं और कमजोर वर्ग के विरूद्ध अपराधों की रोकथाम हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. सरकारी बयान के अनुसार बैठक में गहलोत ने कहा है कि निर्धारित समय से अधिक वक्त तक खुलने वाले बार एवं नाइट क्लबों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इन क्लबों के प्रबंधकों के साथ मालिकों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी व नियमों का उल्लंघन करने पर ऐसे क्लबों का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा.

Also Read: अशोक गहलोत बोले- इस्तीफा देना चाहता हूं, लेकिन मुख्यमंत्री पद मुझे नहीं छोड़ रहा

भीलवाड़ा की घटना पर गहलोत ने जताया दुख

भीलवाड़ा में नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या की घटना को दुखद बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है और अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाने के प्रयास किए जा रहे हैं. गहलोत ने कहा कि उक्त घटना को राजनीतिक रंग देने के प्रयास किए जा रहे हैं, जो उचित नहीं है.

मणिपुर में आग लगी है और केन्द्र सरकार व प्रधानमंत्री मोदी सोए हुए हैं : गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मणिपुर की स्थिति को लेकर केन्द्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मणिपुर में आग लगी है और भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह सोये हुए हैं. ‘विश्व आदिवासी दिवस’ के अवसर पर बांसवाड़ा जिले में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए गहलोत ने ऐतिहासिक मानगढ़ धाम को स्मारक के रूप में विकसित करने की शुरुआत 100 करोड़ रुपए की लागत के साथ करने की घोषणा की. इस अवसर पर गहलोत ने राज्य में फिर कांग्रेस नीत सरकार बनने का विश्वास जताया. केन्द्र की भाजपा नीत सरकार और प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए गहलोत ने कहा, मणिपुर में आग लगी है… लेकिन भारत सरकार, मोदी जी, अमित शाह जी सोये हुए हैं. पूरी दुनिया में आलोचना हो रही है, लेकिन इन्हें फिक्र ही नहीं है… इन्हें एहसास ही नहीं है दुनिया क्या सोच रही है. गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर की घटनाओं का जिक्र करते समय राजस्थान का नाम लेकर राज्य के स्वाभिमान को चोट पहुंचायी है. मुख्यमंत्री ने कहा, एक प्रदेश जल रहा है… (लेकिन केन्द्र को इसकी) परवाह नहीं है. हमें इस बात का अफसोस है प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे स्वाभिमान पर चोट की है… कहां मणिपुर, कहां राजस्थान और कहां छत्तीसगढ़… प्रधानमंत्री वहां भी राजनीति करने से नहीं चूके.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola