सोनम रघुवंशी ने क्यों की अपने बेकसूर पति राजा रघुवंशी की हत्या? सच हुआ उजागर
Sonam Raghuvanshi accused
Sonam Raghuvanshi : दो परिवारों की सहमति से हुई शादी. शादी में सबकुछ सामान्य, दूल्हा-दुल्हन के साथ पूरे परिवार के चेहरे पर खुशी. शादी के दस दिन बाद हनीमून पर गए दूल्हा-दुल्हन लापता और फिर आती है, दूल्हे की मौत की खबर. कातिल है दुल्हन और उसका पुराना प्रेमी. चौंकाने वाली सूचना है और सबसे जरूरी सवाल यह है कि प्रेम संबंध जब दूसरे से था, तो शादी क्यों की? किसी मजबूरी में शादी की भी तो पति की हत्या की क्या जरूरत थी, उसके साथ नहीं रहना था, तो तलाक भी एक रास्ता हो सकता था? आखिर क्यों सोनम रघुवंशी ने अपने पति राजा रघुवंशी को मार डाला? क्या उसे कोई मनोवैज्ञानिक समस्या थी?
Sonam Raghuvanshi : सोनम रघुवंशी का नाम पिछले कुछ दिनों से चर्चा में है और सब यही समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर वो कौन सी वजह थी जिसने सोनम रघुवंशी से हत्या जैसे अपराध को अंजाम दिलवाया. हत्या भी उस व्यक्ति की जिससे उसने महज 10 दिन पहले शादी की थी. हत्या के पीछे एक प्रेम कहानी है, जिसकी नायिका सोनम रघुवंशी और नायक राज कुशवाहा है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि राजा रघुवंशी जिसकी हत्या है वो इस प्रेम कहानी का विलेन कहीं से भी नजर नहीं आता है, क्योंकि महज दस दिन पहले ही उसका सोनम रघुवंशी से विवाह हुआ था और उससे पहले वे एक दूसरे को जानते भी नहीं थे. ऐसे में यह सवाल लाजिमी है कि फिर आखिर क्यों राजा रघुवंशी की हत्या की गई?
राजा रघुवंशी की हत्या के पीछे क्या है वजह?
राजा रघुवंशी की हत्या के पीछे कोई ठोस वजह सामने नहीं दिखती है, क्योंकि राजा और सोनम की शादी एक अरेंज मैरिज थी, जिसे दोनों परिवार के लोगों ने सहमति से किया था. शादी के महज दस दिन में सोनम और राजा के बीच ना तो कोई ऐसा विवाद हुआ और ना ही उनके बीच कोई पुरानी दुश्मनी थी, इस लिहाज से राजा की हत्या के पीछे कोई वाजिब कारण तो नजर नहीं आता है, हां एक बात जरूर साफ दिखती है कि सोनम रघवुंशी ने अपने प्रेम संबंध को कायम रखने और पति से छुटकारा पाने के लिए उसकी हत्या की. इस पूरे घटनाक्रम में एक और बात यह भी साफ दिखती है कि सोनम की शादी बिना उसकी पसंद जाने की गई थी. चूंकि उसका प्रेम संबंध पहले से ही राज कुशवाहा के साथ था, इसलिए वो राजा के साथ शादी नहीं करना चाहती थी.
सोनम रघुवंशी ने अपने गलत इरादों को पूरा करने के लिए राजा को रास्ते से हटाया
पुलिस की पूछताछ में जो बातें उभरकर सामने आईं हैं, उसके अनुसार सोनम रघुवंशी अपने प्रेम संबंध में ही रहना चाहती थी, लेकिन उसके माता-पिता ने दबाव डालकर शादी करवा दिया. सोनम रघवुंशी के पिता को हृदय रोग है, इसलिए उसने शादी के लिए सहमति दे दी, लेकिन उसने अपने प्रेमी के साथ अपने पति की हत्या की योजना बना डाली, ताकि उसका प्रेम संबंध बना रहे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सोनम ने अपने प्रेमी से कहा कि पति की हत्या के बाद मैं विधवा हो जाऊंगी, तब तुम मुझसे शादी कर लेना, तब पापा मना नहीं करेंगे.
सोनम के गलत इरादों का शिकार बन गया राजा रघुवंशी
राजा रघुवंशी अपनी नई-नई शादी से खुश था, हालांकि वो हनीमून के लिए मेघालय नहीं जाना चाहता था, लेकिन उसकी पत्नी ने इसके लिए उसपर दबाव डाला और असम के कामाख्या मंदिर भी दर्शन के लिए लेकर गई. इसके बाद उसने वाई सावडोंग फॉल्स, शिलांग में उसकी हत्या की योजना बनाई. ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि यहां भीड़ कम होती है और यहां लाश को छिपाना भी आसान था. सोनम ने अपने प्रेमी को वहां की लाइव लोकेशन भेजी और हत्यारों को बुला लिया. राजा की हत्या तेज धारदार हथियार से करने के बाद सभी वहां से फरार हो गए. सोनम उसका प्रेमी राज और तीन सुपारी किलर पुलिस की हिरासत में हैं, सच सामने आ रहा है. सोनम रघवुंशी ने पूछताछ में यह माना है कि वह हत्या में शामिल थी. सोनम, राजा और राज के परिजनों भी इस घटना से बौखलाए हुए हैं और जो कुछ हो रहा है उसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन सवाल अब भी यही है कि आखिर राजा को सोनम ने क्यों मारा?
सोशल मीडिया में बहस जारी
राजा रघुवंशी की हत्या पर सोशल मीडिया में बहस जारी है. हर आम आदमी यह बात कह रहा है कि सोनम और राज कुशवाहा का प्रेम संबंध था, यह तो ठीक है, लेकिन उसमें राजा का क्या दोष था, क्यों शादी के महज 10 दिन बाद ही उसकी पत्नी ने उससे उसकी जिंदगी छिन ली. यह कहां की नैतिकता है और यह कौन सा प्रेम है, जो एक बेकसूर इंसान को मारने पर मजबूर कर रहा है? कोई स्त्री इतना स्वार्थी कैसे हो जा रही है? चूंकि पिछले कुछ महीनों में इस तरह की कुछ और घटनाएं भी सामने आईं हैं, जिसमें पत्नी ने पति की हत्या कर दी या उसे आत्महत्या के लिए मजबूर किया, इसलिए इस तरह की चर्चा आम हो गई है.
एंटी सोशल एलिमेंट हावी है सोनम के व्यक्तित्व पर : डाॅ पवन वर्णवाल
मनोचिकित्सक डॉ पवन वर्णवाल बताते हैं कि जिन परिस्थितियों में सोनम रघुवंशी ने अपने पति की हत्या की है, उससे यह साफ जाहिर है कि उससे दिमाग में एंटी सोशल एलिमेंट मौजूद था. इस तरह के व्यक्तित्व वाले लोग अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी कर गुजरते हैं. उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं रहता है कि मैं जो कुछ कर रहा हूं उसका परिणाम क्या होगा? उससे कौन और कितने लोग प्रभावित होंगे. जिस तरह की सूचनाएं सामने आ रही हैं, उससे यह भी प्रतीत होता है कि उसका मस्तिष्क मैच्योर नहीं है. आजकल समाज में नैतिकता का सख्त अभाव होता जा रहा है और इसमें सोशल मीडिया की अहम भूमिका है.
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लेखक के बारे में
By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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