बिहार की 3 हस्तियों को पद्मश्री, सुपर 30 के आनंद कुमार, नालंदा के कपिलदेव और मधुबनी की सुभद्रा होंगी सम्मानित
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Jan 2023 10:54 PM
केंद्र सरकार ने बुधवार की देर शाम पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी. नालंदा जिले के बसवन बिगहा निवासी बावन बुटी बुनकर कपिलदेव प्रसाद, मधुबनी जिले की भिट्ठी सलेमपुर गांव की 87 वर्षीया सुभद्रा देवी और सुप्रसिद्ध गणतिज्ञ आनंद कुमार को पद्मश्री पुरस्कारों के लिए चयन किया गया है.
भारत सरकार ने बुधवार को 74वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है. इस साल 106 हस्तियों के लिए इस पुरस्कार की घोषणा की गयी है, जिसमें 6 लोगों को पद्म विभूषण, 9 पद्म भूषण और 91 लोगों को पद्मश्री दिये जायेंगे. इस बार बिहार की तीन हस्तियों को पद्मश्री सम्मान मिला है. इसमें नालंदा जिले के बसवन बिगहा निवासी बावन बुटी बुनकर कपिलदेव प्रसाद, मधुबनी जिले की भिट्ठी सलेमपुर गांव की 87 वर्षीया सुभद्रा देवी और सुपर 30 के सुप्रसिद्ध गणतिज्ञ आनंद कुमार को पद्मश्री पुरस्कारों के लिए चयन किया गया है. सुभद्रा देवी को पेपरमेसी वर्क के लिए पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया है. जबकि गणितज्ञ आनंद कुमार को शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री देने की घोषणा की गयी है.
गणितज्ञ आनंद कुमार कोचिंग संस्थान सुपर 30 के सूत्रधार रहे हैं. आनंद कुमार के उपर सिनेमा भी बनायी गयी है. गरीब बच्चों को पढ़ा कर आइआइटी तक पहुंचाने वाले आनंद कुमार देश दुनिया के जाने माने नाम हैं. पद्मश्री की घोषणा के बाद आनंद कुमार ने ट्वीट कर कहा कि भारत-सरकार ने मुझे पद्मश्री सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा की. इसके लिए विशेष आभार. मुझे इस सम्मान के लायक समझा गया. साथ ही साथ उन तमाम लोगों का सहृदय धन्यवाद दिया, जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी साथ नहीं छोड़ा.
नालंदा जिला के बिहारशरीफ प्रखंड के बसवन बिगहा के बुनकरों की पहचान देश-दुनिया में है. यहां के बने बाबन बुटी साड़ी, चादर और पर्दे की मांग देश-दुनिया में है. बुनकर कपिलदेव प्रसाद ने इसमें चार चांद लगाया है. उन्हें इस कला के इस वर्ष के पद्मश्री देने की घोषणा केंद्र सरकार ने की है.
मधुबनी जिला की सलेमपुर गांव की पेपरमेस कला की कलाकार शुभद्रा देवी को भी पद्मश्री देने की घोषणा भारत सरकार ने की है. सुभद्रा देवी पेपरमेसी के क्षेत्र की सिद्धहस्त कलाकार हैं. इससे पहले उन्हें 1980 में राज्य पुरस्कार और 1991 में राष्ट्रीय पुरस्कार से नमाजा गया है. उनकी इस कला मांग देश-विदेश में हो रही है. वे बचपन में देखा-देखी इस कला को सीखी. अब इस कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दे चुकी हैं.
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मधुबनी की सुभद्रा देवी को कला के क्षेत्र में, नालंदा के कपिल देव प्रसाद को कला के क्षेत्र में और पटना के आनंद कुमार को शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए पद्म श्री सम्मान मिलने की घोषणा पर अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं.
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