पटना विश्वविद्यालय में 20 शिक्षकों का किया गया प्रमोशन, बनाये गये रीडर और प्रोफेसर, देखें लिस्ट
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 09 Jun 2021 9:45 AM
पटना विश्वविद्यालय में कुल 20 शिक्षकों का प्रोमोशन कर दिया गया है. उनके नामों की सूची जारी कर दी गयी है. मिली जानकारी के अनुसार कुल आठ शिक्षकों का रीडर यानी कि एसोसिएट प्रोफेसर में और कुल 12 शिक्षकों का प्रोफेसर में प्रोमोशन कर दिया गया है. सभी शिक्षकों के प्रोमोशन को अभी हाल में ही अधिकारिक तौर पर सिंडिकेट में स्वीकृति प्रदान कर दी गयी थी.
पटना विश्वविद्यालय में कुल 20 शिक्षकों का प्रोमोशन कर दिया गया है. उनके नामों की सूची जारी कर दी गयी है. मिली जानकारी के अनुसार कुल आठ शिक्षकों का रीडर यानी कि एसोसिएट प्रोफेसर में और कुल 12 शिक्षकों का प्रोफेसर में प्रोमोशन कर दिया गया है. सभी शिक्षकों के प्रोमोशन को अभी हाल में ही अधिकारिक तौर पर सिंडिकेट में स्वीकृति प्रदान कर दी गयी थी.
-अर्जुन कुमार – अंग्रेजी – प्रोफेसर
-रणधीर कुमार सिंह-समाजशास्त्र-प्रोफेसर
-बिंदेश्वर प्रसाद मंडल-समाजशास्त्र-प्रोफेसर
-फजल अहमद-समाजशास्त्र-प्रोफेसर
-लक्ष्मी नारायण- संस्कृत-प्रोफेसर
-अमीता जायसवाल-दर्शनशास्त्र-प्रोफेसर
-नीरा चौधरी-म्यूजिक-प्रोफेसर
-रामबली सिंह-जियोलााजी-प्रोफेसर
-शारदेंदु-बाटनी-प्रोफेसर
-बिरेंद्र प्रसाद-बाटनी-प्रोफेसर
-राम कुमार मंडल-बाटनी-प्रोफेसर
-नमीता कुमारी-बाटनी-प्रोफेसर
-सरवर आलाम – अरबी – एसोसिएट प्रोफेसर
-शिव सागर प्रसाद- दर्शनशास्त्र-एसोसिएट प्रोफेसर
-अर्चना कटियार – दर्शनशास्त्र-एसोसिएट प्रोफेसर
-शैलेंद्र दत्त मिश्र- – दर्शनशास्त्र-एसोसिएट प्रोफेसर
-पुष्पांजली खडे़-बाटनी-एसोसिएट प्रोफेसर
-असीम लाल चक्रवर्ती-कामर्स-एसोसिएट प्रोफेसर
-सुरज देव सिंह- उर्दू- एसोसिएट प्रोफेसर
-अरविंद कुमार-म्यूजिक- एसोसिएट प्रोफेसर
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कुलपति गिरीश कुमार चौधरी की अध्यक्षता में वर्चुअल मोड में आयोजित पीयू सिंडिकेट की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया. चयन समिति ने गत 26 और 27 फरवरी को हुई अपनी बैठक में पदोन्नति को मंजूरी दी थी. प्रोफेसर के पद पर पदोन्नत होने वालों में पीयू परीक्षा नियंत्रक आर के मंडल और सेवानिवृत्त समाजशास्त्र शिक्षक रणधीर कुमार सिंह शामिल हैं.
सिंडिकेट ने पारंपरिक और स्व-वित्तपोषित मोड के तहत तीन वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रमों में छात्रों के प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा को समाप्त करने के संबंध में अकादमिक परिषद के निर्णय का भी समर्थन किया. अब, कोविड-19 महामारी को देखते हुए एक सत्र के लिए प्रवेश परीक्षा को समाप्त करने के संबंध में एक अस्थायी नियमन के लिए सिंडिकेट का प्रस्ताव राजभवन को भेजा जाएगा.
कुलाधिपति की मंजूरी के बाद, पारंपरिक और स्व-वित्तपोषित दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं में छात्रों द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा. यहां तक कि स्व-वित्तपोषित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा के साथ मौखिक परीक्षा आयोजित करने का प्रावधान भी समाप्त कर दिया गया है.
POSTED BY: Thakur Shaktilochan
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