अलग होने के 21 साल बाद भी झारखण्ड पर 4100 करोड़ का बकाया, जानें बिहार किस राशि को लेकर कर रहा दावा
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 24 May 2022 6:29 AM
बिहार और झारखण्ड के बीच अभी तक पेंशनर की राशि के बंटवारे का विवाद पड़ा ही हुआ है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दोनों राज्यों को मिलकर मामले को सुलझा लेने के लिए कहा है. जानिये क्या है विवाद..
बिहार और झारखंड का बंटवारा हुए 21 साल हो गये, लेकिन अभी तक दोनों राज्यों के बीच पेंशनरों को देने वाली राशि के बंटवारा का मामला नहीं सुलझा है. बिहार ने झारखंड पर चार हजार 100 करोड़ रुपये का बकाया का दावा कर रखा है. यह राशि बिहार को अब तक नहीं मिली है.
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों को केंद्र की मध्यस्थता से इस मसले का हल निकालने को कह रखा है. सोमवार को मुख्य सचिव आमिर सुबहानी की अध्यक्षता में झारखंड के मुख्य सचिव और केंद्र सरकार के वित्त एवं गृह विभाग के आला अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक हुई.
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दोनों राज्यों के एजी (महालेखाकार) फिर से इसकी पड़ताल करेंगे कि पेंशनरों की संख्या कितनी है और बिहार को इस आधार पर कितने रुपये मिलने चाहिए. एक महीने बाद इस मसले को लेकर फिर से बैठक होगी. इस मौके पर वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने बिहार की तरफ से दावेदारी प्रस्तुत की और राज्य को उसका बकाया दिलाने के लिए केंद्र से आग्रह किया.
Also Read: जातीय जनगणना बिहार: नीतीश सरकार सभी पार्टियों से साध रही संपर्क, जानिये कब हो सकती है सर्वदलीय बैठक
15 नवंबर, 2000 से पहले जो कर्मी वर्तमान में झारखंड के इलाके से (पूर्व में संयुक्त बिहार) रिटायर्ड हुए थे, उनकी पेंशन बिहार और झारखंड सरकार दोनों को संयुक्त रूप से देनी थी. पेंशन राशि में दो हिस्सा बिहार और एक हिस्सा झारखंड को देना था, परंतु झारखंड ने इस मद में कोई राशि अब तक नहीं दी. अब यह बकाया बढ़ कर चार हजार 100 करोड़ रुपये हो गया है. 15 नवंबर , 2000 के बाद रिटायर्ड हुए सरकारी कर्मियों के लिए यह लागू नहीं होता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










