gumla

  • Dec 16 2018 1:37PM
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IN PICS : गुमला में नागफेनी की अद्भुत प्राकृतिक छटा का लें मजा

IN PICS : गुमला में नागफेनी की अद्भुत प्राकृतिक छटा का लें मजा

दुर्जय पासवान

गुमला : रांची-गुमला नेशनल हाइवे-43 से गुजरते समय दक्षिणी कोयल की कल कल जलधारा लोगों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करने लगती हैं. यहां नुकीले व ऊंचे पहाड़ हैं. नदी तट पर प्राचीन भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा की मूर्ति से सज्जित मंदिर. इतना ही नहीं, नागवंशी राजाओं से जुड़ा इतिहास. पग-पग पर प्राचीन अवशेष. यह मनोरम दृश्य है दक्षिणी कोयल तट के किनारे अवस्थित नागफेनी गांव का.

गुमला जिला मुख्यालय से 16 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव अपने अंदर कई ऐतिहासिक व धार्मिक धरोहरों को समेटे हुए है. यह गुमला जिला के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में एक है. यह गांव नागवंशी राजाओं का गढ़ था. उनके भवनों के अवशेष आज भी यहां मौजूद हैं.

यहां के दर्शनीय स्थलों पर साल भर सैलानियों का आना-जाना लगा रहता है. नववर्ष हो, कार्तिक पूर्णिमा का दिन हो, आषाढ़ की रथयात्रा या फिर मकर संक्रांति का पर्व. यह गांव लोगों को अपनी ओर खींचता है. आकर्षित करता है.

प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण नागफेनी गांव एनएच-43 के किनारे स्थित है. नागवंशी राजा जगरनाथ साय द्वारा विक्रम संवत् 1761 में प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर की स्थापना की गयी थी. मंदिर की छत पर बने गुबंद व दीवार पर नक्काशी लोगों को देख लोग मंत्रमुग्ध रह जाते हैं.

इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा की काष्ठ से बनी विशाल मूर्तियां हैं. इनके अलावा सैकड़ों देवी-देवताओं की छोटी-बड़ी मूर्तियां भी हैं. गुमला शहर से नजदीक होने के कारण यहां नववर्ष में आराम से घूम सकते हैं.

नागफेनी में क्या देखें...

नागफेनी में जगन्नाथ मंदिर, शिवलिंग पर लिपटे अष्टधातु के नाग, अष्टकमल दल, पाटराजा व नागसंत्थ देखने योग्य है. वहीं, कोयल नदी की धारा पर खड़े हजारों चिकने पत्थर, अंबाघाघ जलप्रपात का सौंदर्य आपको अपनी ओर जरूर आकर्षित करेगा. सात खाटी कुआं, कुकुरकुंडी, मठ टोंगरी, पौराणिक मठ, पहाड़ी पर नागवंश काल के भग्नावशेष अपने इतिहास की कहानी कह रहे हैं.

कैसे जाएं और कहां ठहरें

नागफेनी गुमला जिला अंतर्गत सिसई प्रखंड में आता है. रांची से 80, सिसई से 10 व गुमला शहर से 16 किमी दूर है. यह नेशनल हाइवे-43 के ठीक किनारे है. यहां सुबह आठ से शाम छह बजे तक पूरे परिवार के साथ आ जा सकते हैं. सुबह से देर शाम तक बस व दर्जनों छोटी-बड़ी गाड़ियां चलती हैं. नागफेनी में एक दर्जन लाइन होटल है.

नदी के समीप घनी आबादी वाला गांव है. दूसरे जिले के लोग अगर यहां आना चाहते हैं, तो गुमला शहर में ठहरने के लिए होटल हैं. अपनी गाड़ी है, तो ठीक है. नहीं है, तो टेंपो व अन्य गाड़ी भाड़ा लेकर जा सकते हैं.

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